जंगल में लगी भयंकर आग, अब तक कोई नहीं पहुंचा
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के यमकेश्वर विकास खंड के जंगल में तीन दिनों से लगी वनाग्नि से पूरे क्षेत्र में धुंआ ही धुंआ हो रखा है। बावजूद इसके वन विभाग की ओर से यहां पर अब तक कोई नहीं पहुंचा है।
पढ़ें, मसूरी आए बांग्लादेशी सांसद की मौत
गर्मी शुरू होते ही जंगलों में आग लगने की घटनाएं शुरू हो गई हैं। कर्मचारी चुनाव ड्यूटी में व्यस्त होने से वे जंगलों की ओर अधिक ध्यान नहीं दे पा रहे हैं।
आग से जंगल हुए काले
तीन दिनों से यमकेश्वर क्षेत्र के जयहरी, बेघलगांव, निषणी, फेडवा, थनुर आदि के जंगल आग लगने से काले हो चुके हैं। साल और चीड़ के जंगल होने से यहां आग तेजी से फैल रही है।
पढ़ें, क्रिकेट टीम के नौ खिलाड़ी गंगा में बहे
आग लगने से चारापत्ती पूरी तरह से समाप्त हो रही है। कई जगह तो आग गांवों के नजदीक तक पहुंच रही है।
दूसरी ओर कोटद्वार क्षेत्र में लालढांग रेंज के सिगड्डी स्रोत के जंगलों में बृहस्पतिवार सुबह से भयंकर आग लग हुई है। सत्तीचौड़ के जंगल भी आग की चपेट में हैं।
रात भर जलता रहा श्रीकोट का जंगल
केदारनाथ वन प्रभाग के धनपुर रेंज के श्रीकोट का जंगल बुधवार रातभर जलता रहा। वनाग्नि से बांज, बुरांश सहित अन्य वन संपदा को नुकसान पहुंचा है।
पढ़ें, मसूरी आए बांग्लादेशी सांसद की मौत
बृहस्पतिवार सुबह तक भी क्षेत्र में धुएं का गुबार उठता दिखाई दिया। बाद में आग के दूसरी तरफ फैलने से स्थिति का स्पष्ट पता नहीं लग पाया। क्षेत्र में हल्की धुंध छाई रही। बीते वर्ष भी यह वन क्षेत्र तीन बार वनाग्नि की चपेट में आया था।
वन विभाग कर रहा साफ इनकार
वहीं केदारनाथ वन प्रभाग के एसीएफ एस लाल ने बताया कि रेंज कर्मचारियों की ओर से वनाग्नि की घटना से इंकार किया गया है। मामले की अधिकारियों से पूरी जानकारी ली जा रही है।
हवाई साबित हुए दावे
जंगलों की आग बुझाने के लिए वन विभाग शुरू से पूरी तैयारी के दावे करता रहा है। इसके लिए फायर वाचरों की तैनाती और जगह-जगह क्रू स्टेशन भी बनाए गए। बावजूद इसके गर्मी तेज होते ही विभाग के सारे इंतजाम धरे के धरे रह गए।