नागरिकता कानून से डरने की जरूरत नहीं, दो निशान, दो विधान देश में नहीं चलेंगे: निशंक
- हल्द्वानी में बोले निशंक- शैक्षणिक संस्थाओं को नहीं बनने देंगे राजनीति का अड्डा
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर देश में किसी को डरने की जरूरत नहीं है। नागरिकता संशोधन अधिनियम की आड़ में राजनीति कर रहे लोगों को दो टूक कह दिया गया है कि शैक्षणिक संस्थाओं को राजनीति का अड्डा नहीं बनने देंगे। कांग्रेस बुझता दिया है और बुझने से पहले इस बात पर आतुर है कि किसको जला दूं।
हल्द्वानी निशंक ने कहा कि दो निशान, दो विधान देश में नहीं चलेंगे। प्रधानमंत्री की अगुवाई में काम हुआ। नागरिकता संशोधन कानून की लंबे समय से जरूरत थी। जिन्ना की जिद और नेहरू के उदारवाद के चलते अगर धर्म के आधार पर विभाजन न होता तो कानून की जरूरत नहीं पड़ती। जिन्ना ने अल्पसंख्यक हिंदुओं को धोखा दिया।
बंटवारे के बाद पाकिस्तान को इस्लामिक देश घोषित कर दिया। 1950 में नेहरू और लियाकत समझौते के बाद भी अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार बंद नहीं हुआ। पाकिस्तान के पहले कानून मंत्री ने अल्पसंख्यक हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार का विरोध किया था और समझौते पर अमल करने की बात कही थी। उनको देश छोड़कर भारत में आकर शरण लेनी पड़ी थी।
निशंक रविवार को भाजपा कुमाऊं संभाग कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। निशंक ने कहा कि राजनीतिक दल शैक्षणिक संस्थानों के कंधे पर रखकर बंदूक न चलाएं। शैक्षणिक संस्थाओं को विश्व रैंकिंग पर ले जाना हमारा लक्ष्य है। उन्होंने छात्रों से आह्वान किया कि देश की नींव बनाने में अहम योगदान दें और किसी के बहकावे में आकर विरोध में न उतरें।
कहा कि नागरिकता संशोधन कानून की 70 वर्षों से मांग थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने ऐतिहासिक काम को किया है। वर्ष 2013-2014 में ऐसे हालात थे कि देश के लोग महसूस कर रहे थे कि देश गुलामी की ओर जा रहा है और कमजोर, गरीब एवं भ्रष्टाचारी देश की श्रेणी में आकर खड़ा हो गया है। बड़े और कड़े निर्णय लेकर मोदी ने देश का मान विश्व पटल पर बढ़ाया है। पूर्व प्रधानमंत्री को कोई विश्व में पूछता नहीं था और आज विश्व के बड़े फैसलों में भारत शामिल होता है। चूल्हे से शौचालय तक की चिंता की।
आज कांग्रेस हल्ला क्यों मचा रही है
निशंक ने कहा कि 2003 से लेकर 2013 तक कांग्रेस के विदेश मंत्रियों ने लोकसभा और राज्यसभा में कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार हो रहा है और न्याय नहीं मिल रहा है। फिर आज कांग्रेस सबसे ज्यादा हल्ला क्यों मचा रही है। कुछ लोग देश में हिंसा फैलाने चाहते हैं। हिंसा फैलाने उनके संस्कारों में शामिल है। 1500 से अधिक बुद्धिजीवियों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर नागरिकता संशोधन कानून का समर्थन किया है। कहा कि नागरिकता संशोधन कानून तो भाजपा के घोषणा पत्र में भी शामिल था।
पाकिस्तान में हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन और ईसाई 22 प्रतिशत से घटकर 3.7 प्रतिशत रह गए
निशंक ने कहा कि कांग्रेस और वामपंथी जवाब दें कि विभाजन के बाद पाकिस्तान में 22 प्रतिशत बौद्ध, जैन, सिख, ईसाई और हिंदू थे 2011 में उनकी संख्या घटकर 3.7 प्रतिशत कैसे रह गई? मतलब साफ है कि जबरन धर्म परिवर्तन कराया गया या फिर उनके साथ कोई अनहोनी हुई या भारत में आकर शरण ली। पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बंग्लादेश इस्लामिक राष्ट्र हैं और वहां अल्पसंख्यक हिंदुओं पर अत्याचार होता है। इसलिए शामिल किया गया। कांग्रेस और वामपंथियों को अगर दुनिया के लोगों की इतनी चिंता है तो नागरिकता दिलाने के लिए आवेदन कराएं, उसके लिए भी नियम और कानून बने हैं।
सरकारी की उपलब्धियां भी गिनाईं
केंद्रीय मानव संसाधन मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि मोदी सरकार ने लोगों को निशुल्क गैस कनेक्शन और बिजली के कनेक्शन दिए। साथ ही आयुष्मान जैसी योजना दी। बिजली, सड़कों को जोड़ना, आल वेदर रोड, हवाई मार्ग विस्तार, सीमा पर मजबूती के काम मोदी सरकार में हो रहे हैं। मोदी उत्तराखंड के उत्थान के लिए हर संभव मदद कर रहे हैं।
फैज की शायरी पर बोले किच्छा विधायक
स्वागत कार्यक्रम के दौरान किच्छा विधायक राजेश शुक्ला ने नाराजगी जताते हुए कहा कि कुछ लोग सिर्फ राजनीति के लिए सोशल मीडिया पर महान शायर फैज अहमद फैज की शायरी का सहारा ले रहे हैं। शुक्ला ने फैज की ही पंक्तियों ‘वो बात सारे फसाने में जिसका जिक्र न था, वो बात उनको बहुत नागवार गुजरी है.’ से ऐसे लोगों को जवाब दिया। इधर, निशंक का टांडा मोड़ पर विधायक राजकुमार ठुकराल, भारत भूषण चुघ सहित कईं अन्य नेताओं ने स्वागत किया।