{"_id":"56fb8bbb4f1c1b9d56f003c8","slug":"housing-project-in-dehradun","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड में हजारों लोगों को मिलेगा मकान!","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड में हजारों लोगों को मिलेगा मकान!
गौरव मिश्रा/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 30 Mar 2016 01:52 PM IST
विज्ञापन
हाउस टैक्स
- फोटो : DEMO Pics
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इंटेग्रेटेड सोशल हाऊसिंग स्कीम के तहत नगर निगम कारगी स्थित अपनी 146 बीघा भूमि पर हाउसिंग प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है।
विज्ञापन
इस हाउसिंग स्कीम में सब कुछ बाजारवादी शक्तियों के भरोसे न छोड़कर सरकार को भी भागीदार बनाने की योजना है। केंद्र व प्रदेश सरकार से इस बाबत बात हो चुकी है। निगम केंद्रीय शहरी विकास मंत्री को भी प्रेजेंटेशन दे चुका है।
विज्ञापन
पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की भी इस पर सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। इस प्रोजेक्ट की कुल लागत लगभग तीन हजार करोड़ के आसपास होगी। धन की व्यवस्था केंद्र सरकार, प्रदेश सरकार और निजी निवेशक करेंगे। निगम सेमी रेगुलेटर व भूमि प्रदाता की भूमिका में रहेगा। यदि योजना मूर्त रूप लेती है तो सैकड़ों लोगों को अपना मकान मिल सकेगा।
विज्ञापन
देहरादून के कारगी (आईएसबीटी बाईपास) इलाके में नगर निगम की 146 बीघा जमीन है। यहां पर नगर निगम हाऊसिंग प्रोजेक्ट शुरू करना चाहता है। इसके लिए निगम के स्तर पर पहले भी कोशिश की गई, लेकिन राज्य सरकारों व मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण के नकारात्मक रवैये के कारण हाऊसिंग परियोजना का शुरू नहीं हो पाई।
अब नगर निगम ने इसके लिए कवायद पूरी कर ली है। इसका प्रेजेंटेशन व ब्लू प्रिंट भी तैयार कर लिया गया है। मेयर विनोद चमोली का कहना है कि वह इस संबंध में केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वैंकया नायडू और प्रदेश के मुख्य सचिव से मुलाकात करेंगे।
केंद्र सरकार, निवेशकों, प्रदेश सरकार और नगर निगम की साझी कोशिश रंग लाई तो उच्च मध्यम, मध्यम, निम्न मध्यम ही नहीं बल्कि बेहद कमजोर वर्ग के लोगों को भी अपनी छत मुकम्मल हो सकेगी। इस परियोजना के निर्माण व बाद प्रत्यक्ष व परोक्ष रोजगार के मौके भी पैदा होंगे। मेयर विनोद चमोली ने कहा कि इसमें पांच से छह कैटेगरी के घर बनेंगे।
इनमें हाई एंड डुप्लेक्स, डुप्लेक्स, ए ग्रेड अपार्टमेंट, बी और सी कैटेगरी अपार्टमेंट शामिल होंगे। बेहद कमजोर आय वर्ग के लिए सोशल हाऊसिंग कांसेप्ट यानि सब्सिडाइज्ड आधार पर छत दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इस हाउसिंग स्कीम में पार्कों, बगीचों को बड़ा स्थान मिलेगा। ग्रीनरी का ख्याल रखा जाएगा।