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बैठक में नहीं हो पाया हाउस टैक्स पर फैसला

Thu, 25 Jul 2013 10:44 AM IST
देहरादून/ब्यूरो
देहरादून/ब्यूरो Updated Thu, 25 Jul 2013 10:44 AM IST
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house tax could not decide in meeting

करीब एक साल से नगर निगम में राजधानी में दस साल से लंबित हाउस टैक्स की नई व्यवस्था लागू करने का शोर था। पिछले बोर्ड में सर्वे के कारण काम लटकता गया। इस बार कार्यकारिणी बैठक से पहले टैक्स लागू करने के दावे किए गए, लेकिन बैठक हुई कवायद सिरे नहीं चढ़ पाई।

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नगर निगम की कार्यकारिणी की बैठक में हाउस टैक्स को लेकर शोर तो बहुत हुआ, लेकिन एजेंडा तय करने की बात आते ही सारी तैयारियों की हवा निकल गई। भवनों की रेंटल वैल्यू कितनी हो, इसका कोई हल न निकलता देख एक बार फिर सर्वे कराने का फैसला किया गया। निगम के कर विभाग को दो माह में नए रेट के लिए सर्वे करने को कहा गया। उधर, कर विभाग इस अवधि को भी कम बता रहा है। विभाग ने कम से कम छह माह का वक्त मांगा है।
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आसानी से मिलेगा कर्ज
बैठक में जनता से जुड़ा एक अच्छ एजेंडा बना। बोर्ड से अनुमति मिल गई तो प्लाट खरीदने वाले नए लोगों को बैंकों से लोन लेने में आसानी हो जाएगी। तय हुआ कि नगर निगम के अंतर्गत आने वाले सभी प्लाटों का म्यूटेशन किया जाएगा। इसके लिए एक रुपये प्रतिवर्ग मीटर एक वर्ष का टैक्स होगा। इससे सुविधा यह होगी कि प्लाट खरीदते ही नए मालिक का नाम नगर निगम के रिकार्ड में चढ़ जाएगा। इससे निर्माण के लिए एमडीडीए से आसानी से नक्शा पास होगा। नक्शा होगा तो बैंकों से लोन लेने में आसानी हो जाएगी।
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नदियों की चौड़ाई पर शासन से लेंगे राय
मेयर विनोद चमोली ने बैठक में घोषणा की कि नगर निगम नए म्यूटेशन और नए भवनों को टैक्स के दायरे में लाने से पहले शासन से नदियों की चौड़ाई पर राय लेगा। बताया कि नदियों की जद में बने मकानों का म्यूटेशन होने पर उन्हें हटाने में परेशानी होगी। शासन से अनुमति के बाद नदियों की जद में आने वाले मकानों का म्यूटेशन नहीं किया जाएगा।

अगले साल बढ़ेंगे दुकानों के रेट
शहर में निगम की 104 दुकानों के रेट 31 मार्च 2014 के बाद बढ़ जाएंगे। तय किया गया कि नए रेट में प्रति दो वर्ष बाद 10 प्रतिशत की वृद्धि होती रहेगी। इससे पहले निगम दुकानों का किराया पुराने रेट की गणना के हिसाब से वसूलेगा।

घंटाघर का होगा सुंदरीकरण
बैठक में घंटाघर के सुंदरीकरण के दोबारा टेंडर कराने के प्रस्ताव पर मोहर लगी। मेयर ने बताया कि घंटाघर की स्थिति में सुधार के लिए हडको 41 लाख रुपये देने को तैयार है, जबकि दस लाख रुपये निगम बोर्ड देगा।

कम होगा टाउन हाल का किराय्रा
टाउन हाल में नाटक के मंचन की अनुमति के लिए लोकल कलाकारों को संस्था की आर्थिक दृष्टि के हिसाब से पांच हजार रुपये तक कि छूट मिल सकेगी। समिति बैठक में मेयर के विवेक से यह छूट देने पर सहमति बनी। हाल की स्थिति में सुधार के लिए बीस लाख रुपये का बजट तय किया गया। इससे नया जनरेटर और यूपीएस लगाया जाएगा।

पार्षद करा सकेंगे दो लाख के काम
बैठक के एक एजेंडे ने पार्षदों की बांछें खिला दीं। अब पार्षद अपने वार्ड में हर साल दो लाख रुपये तक का निर्माण करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें पहले से प्रस्ताव पास नहीं कराने होंगे। काम पूरा होने की सूचना के बाद निगम एक माह के भीतर राशि दे देगा। इस एजेंडे पर अभी बोर्ड की मुहर लगनी बाकी है।

डिस्पेंसरी कांप्लेक्स पर टूटी नींद
डिस्पेंसरी रोड पर बने कांपलेक्स पर नगर निगम की नींद अब टूटी है। निगम को अचानक याद आया कि यहां सड़क की चौड़ाई के दौरान निगम की कुछ दुकानें टूट गई, जबकि किराये पर ये दुकानें चला रहे व्यापारी कांप्लेक्स में शिफ्ट हो गए हैं। मेयर ने बताया कि इस मसले पर एमडीडीए को पत्र लिखकर शिफ्ट हुए दुकानदारों के बकाया किराये के भुगतान और निगम खर्च की जानकारी देंगे।

स्ट्रीट लाइट पर हंगामा
बैठक समाप्ति की तरफ आई तो मेयर और एमएनए के सामने सदस्यों ने जोरदार हंगामा किया। आरोप था कि निगम से सीधे ताल्लुक न रखने वाले विधायकों को निगम से बीस-बीस लाइटें दी जाती हैं, जबकि पार्षद एक-दो लाइट के लिए चक्कर काटने को मजबूर रहते हैं।


हाउस टैक्स के मसले पर कर विभाग को दो माह में शहर का सर्वे करने के लिए कहा है। सर्वे टीम देखेगी कि कितने भवन टैक्स के दायरे में आएंगे। टीम इनकी गणना के साथ ही रैंटल वैल्यू के प्रस्ताव भी बनाएगी, ताकि तय हो सके कि किस आधार पर टैक्स दर लागू की जाए।
- विनोद चमोली, मेयर

एक नजर
45000 से अधिक भवनों से अभी टैक्स वसूल रहा है नगर निगम
04 करोड़ रुपये ही हर साल वसूल पा रहा है नगर निगम
01 करोड़ रुपये वसूलने में नाकाम हो जाता है नगर निगम
65 लाख नए भवनों को कर के दायरे में लाने की थी तैयारी
20 करोड़ से अधिक की सालाना आमदनी होती यदि नए भवन शामिल होते

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