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भारी बारिश से गिरा जर्जर भवन, बाल-बाल बचा भाजपा नेता का परिवार
ब्यूरो/अमर उजाला, मसूरी
Updated Fri, 07 Jul 2017 12:48 AM IST
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मैसानिक लॉज किंग क्रेग के बीच जायसवाल इस्टेट के जर्जर भवन निचला हिस्सा भारी बारिश के कारण बृहस्पतिवार को भरभरा कर गिर गया। भवन के मलबे से भाजपा मसूरी मंडल अध्यक्ष मोहन पेटवाल का आवास क्षतिग्रस्त हो गया।
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जबकि उनका परिवार मलबे की चपेट में आने से बच गया। मलबा और बड़े बोल्डर गिरने की आवाज सुनकर आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। आरोप है कि सूचना देने के बाद भी कोई प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा।
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बता दें कि नगर में सैकड़ों गिरासू भवन है, लंढौर साउथ रोड समेत नगर में सैकड़ों गिरासू भवनों को एक दशक पहले मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण द्वारा रूउ़की इंजीनियरिंग कालेज और जियोलॉजिकल विभाग से सर्वे कराया गया था।
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दहशत में आया परिवार
लंढौर साउथ रोड, कुलड़ी बाजार में लोअर मालरोड पर रेलवे आउट एजेंसी समेत अनेक स्थानों पर ऐसे भवनों का चिन्हीकरण किया गया था। साल 2005 में एक शासनादेश जारी कर उस समय इन भवनों के दोबारा निर्माण कराने की बात कही गई थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।
भाजपा मंडल अध्यक्ष पेटवाल ने भी 2010 और 2012 में उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी को गिरासू भवनों के पुन:निर्माण की मांग को एसडीएम और डीएम को पत्र भेजा था। लेकिन अफसरों ने कोई सुध नहीं ली।
हर साल बरसात लगते ही जर्जर भवनों का मलबा और बोल्डर गिरने शुरू हो जाते है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहता है। पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल का कहना है कि गिरासू भवनों के दोबारा निर्माण के लिए शासन को कई बार लिखा जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा से शासन को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा।
भाजपा मंडल अध्यक्ष पेटवाल ने भी 2010 और 2012 में उपजिलाधिकारी और जिलाधिकारी को गिरासू भवनों के पुन:निर्माण की मांग को एसडीएम और डीएम को पत्र भेजा था। लेकिन अफसरों ने कोई सुध नहीं ली।
हर साल बरसात लगते ही जर्जर भवनों का मलबा और बोल्डर गिरने शुरू हो जाते है। जिससे लोगों में दहशत का माहौल रहता है। पालिकाध्यक्ष मनमोहन सिंह मल्ल का कहना है कि गिरासू भवनों के दोबारा निर्माण के लिए शासन को कई बार लिखा जा चुका है। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब दोबारा से शासन को इस संबंध में पत्र लिखा जाएगा।