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अस्पतालों ने किया इनकार, बिना इलाज मरीज ने तोड़ा दम

Wed, 05 Aug 2020 01:45 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Wed, 05 Aug 2020 01:45 AM IST
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Hospitals refused, patient died without treatment
सरकारी अस्पताल में एंबुलेंस के अंदर इलाज का इंतजार करता मरीज। - फोटो : RISHIKESH
ऋषिकेश। तीर्थनगरी में इलाज के अभाव में मंगलवार को फिर एक अज्ञात व्यक्ति की मौत हो गई। रामझूला पुल हनुमान मंदिर के पास मिले खांसी और छाती के दर्द से ग्रसित एक व्यक्ति को सरकारी अस्पताल और एम्स ने भर्ती करने से मना कर दिया। नरेंद्रनगर अस्पताल ले जाते समय उक्त व्यक्ति की रास्ते में मौत हो गई। इतना ही नहीं देर शाम तक शव के पंचनामे के लिए एंबुलेंस चालक को इधर-उधर भटकता रहा।
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मंगलवार सुबह को रामझूला पुल के समीप स्थित हनुमान मंदिर मेें एक व्यक्ति के जोर-जोर से खांसने लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर उक्त व्यक्ति को कोविड टेस्ट के लिए पूर्णानंद खेल मैदान भेजा। यहां स्वास्थ्य विभाग फकोट के चिकित्साप्रभारी डॉ. जगदीश जोशी ने उस व्यक्ति का रैपिड एंटीजन टेस्ट किया। इसमें उसकी रिपोर्ट निगेटिव आई। इस बीच व्यक्ति बेहोशी की हालत में था, वह अपना नाम भी नहीं बता पाया। केवल इतना बताया वह पिथौरागढ़ का रहने वाला है। इसके बाद उक्त व्यक्ति को इलाज के लिए सरकारी अस्पताल भेजा। मगर यहां चिकित्सकों ने उसे भर्ती करने से मना कर दिया। इसके बाद एंबुलेंस बीमार व्यक्ति को लेकर एम्स पहुंची। मगर यहां मरीज के संग अटेंडेंट न होने पर एंबुलेंस को गेट से लौटा दिया गया। इसके बाद उक्त व्यक्ति को इलाज के लिए सुमन चिकित्सालय, नरेंद्रनगर ले जाया गया। जहां रास्ते में उसकी मौत हो गई। इसके बाद नरेंद्रनगर अस्पताल में शव के पंचानामे को पुलिस ने मना कर दिया। मजबूरन एंबुलेंस चालक को शव को साथ लेकर मुनिकीरेेती आना पड़ा। यहां देर शाम तक उक्त व्यक्ति का शव एंबुलेंस में पड़ा रहा। इसके बाद मुनिकीरेती थाना पुलिस ने शव का पंचनामा भर उसे पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेजा।
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अज्ञात मरीज को अस्पताल में भर्ती नहीं किया जा सकता। उस दौरान बीमार व्यक्ति की कोविड रिपोर्ट भी पेश नहीं की गई। जिसे एम्स में इलाज के लिए भेजा गया था।
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- डॉ संतोष पंत, चिकित्सक एसपीएस राजकीय चिकित्सालय
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अगर एंबुलेंस किसी अज्ञात व्यक्ति को लेकर एम्स पहुंची थी तो उसे भर्ती किया जाना चाहिए था। गेट से एंबुलेंस को किसने लौटाया, इसकी जांच कराई जाएगी। ये एक गंभीर मसला है। एम्स ने इसी कोरोनाकाल में 17 ऐसे अज्ञात मरीजों को न सिर्फ भर्ती किया, बल्कि इलाज कराने के बाद घर तक भी छुड़वाया।
- हरीश मोहन थपलियाल, जन संपर्क अधिकारी, एम्स ऋषिकेश।
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इस प्रकार का कोई मामला संज्ञान में पनहीं है।
- मनीष उपाध्याय, एसएचओ नरेंद्रनगर
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अस्पताल में शव के आने के बाद पुलिस को पंचनामे लिए सूचना दी गई है। पता नहीं क्यों एंबुलेंस चालक शव को लेकर वापस मुनिकीरेती चला गया।
- अनिल नेगी, मुख्य चिकित्साधीक्षक नरेंद्रनगर
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देर शाम को शव का पंचनामा कर लिया गया है। जिसे पोस्टमार्टम के लिए एम्स भेजा गया है।
- आरके सकलानी, थाना प्रभारी मुनिकीरेती
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