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शव मांगते रहे परिजन पर अस्पताल प्रबंधन का नहीं पसीजा दिल, फिर हुआ...
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, काशीपुर
Updated Sun, 31 Dec 2017 04:02 PM IST
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शव
- फोटो : concept photo
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इलाज के दौरान मरीज की मौत हो गई, लेकिन अस्पताल प्रबंधन परिजनों को शव सौंपने को तैयार नहीं हुआ। फिर हुआ....
एक वृद्ध को हृदयाघात पड़ने पर परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इलाज के रुपये न देने पर अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इकार कर दिया। जिस पर परिजनों ने आक्रोशित होकर हंगामा काटा। बाद में कुछ रुपये जमा करने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव ले जाने दिया।
शुक्रवार की देर शाम मोहल्ला बेहड़ेवाला ठाकुरद्वारा मुरादाबाद निवासी हुसैन शाह (70) पुत्र इमाम शाह को अचानक हृदयाघात हो गया। हालत खराब होने पर परिजनों ने उन्हें गिरीताल के चामुंडा मंदिर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।
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एक वृद्ध को हृदयाघात पड़ने पर परिजनों ने उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इलाज के रुपये न देने पर अस्पताल प्रबंधन ने शव देने से इकार कर दिया। जिस पर परिजनों ने आक्रोशित होकर हंगामा काटा। बाद में कुछ रुपये जमा करने के बाद अस्पताल प्रबंधन ने शव ले जाने दिया।
शुक्रवार की देर शाम मोहल्ला बेहड़ेवाला ठाकुरद्वारा मुरादाबाद निवासी हुसैन शाह (70) पुत्र इमाम शाह को अचानक हृदयाघात हो गया। हालत खराब होने पर परिजनों ने उन्हें गिरीताल के चामुंडा मंदिर स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया।
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मरीज के इलाज का खर्च बताया तो भड़के परिजन
money
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कार्डियोलॉजिस्ट ने मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टर ने मरीज को पेसमेकर लगा दिया। शनिवार की शाम मरीज ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। परिजनों ने शव को ले जाने के लिए डॉक्टर से कहा। तो अस्पताल प्रबंधन ने परिजनों से मरीज के इलाज में किया गया खर्च देने के बाद ही शव देने की बात कही। जिसको लेकर परिजन भड़क गए।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर मरीज को भर्ती करने के बाद परिजनों को बिना बताए मरीज को पेस मेकर लगाने का आरोप लगया। जिसका पैकेज करीब डेढ़ लाख रुपये बताया। प्रबंधन इलाज में खर्च हुए रुपये देने पर शव ले जाने पर डट गया।
वहीं परिजन भी रुपये न देने पर अड़ गए। इसको लेकर अस्पताल प्रबंधक और परिजनों के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा। सूचना पर पुलिस और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन कार्यालय में 32 हजार 500 रुपये जमा करा दिए, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधक ने इसी रकम को लेकर संतोष व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों को शव ले जाने दिया।
मृतक के एक रिश्तेदार ने बताया कि शुक्रवार की देर रात हुसैन शाह को हृदयाघात आया था। जिसके बाद उन्होंने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने बिना बताए ही मृतक को पेस मेकर लगा दिया।
उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर मरीज को भर्ती करने के बाद परिजनों को बिना बताए मरीज को पेस मेकर लगाने का आरोप लगया। जिसका पैकेज करीब डेढ़ लाख रुपये बताया। प्रबंधन इलाज में खर्च हुए रुपये देने पर शव ले जाने पर डट गया।
वहीं परिजन भी रुपये न देने पर अड़ गए। इसको लेकर अस्पताल प्रबंधक और परिजनों के बीच काफी देर तक हंगामा होता रहा। सूचना पर पुलिस और कांग्रेस महानगर अध्यक्ष संदीप सहगल अस्पताल पहुंचे। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन कार्यालय में 32 हजार 500 रुपये जमा करा दिए, जिसके बाद अस्पताल प्रबंधक ने इसी रकम को लेकर संतोष व्यक्त करते हुए मृतक के परिजनों को शव ले जाने दिया।
मृतक के एक रिश्तेदार ने बताया कि शुक्रवार की देर रात हुसैन शाह को हृदयाघात आया था। जिसके बाद उन्होंने उसे अस्पताल में भर्ती कराया था। डॉक्टर ने बिना बताए ही मृतक को पेस मेकर लगा दिया।