{"_id":"35e04d5e68aedb0f6af86811bfd51294","slug":"honesty-in-offices","type":"story","status":"publish","title_hn":"इस कदर ईमानदारी... ओफ्फो","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इस कदर ईमानदारी... ओफ्फो
अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 18 Feb 2014 02:51 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
साहब बैठे जमीन के विवाद के कागजात देख रहे थे। तभी एक क्लर्क ने सामने फाइल पटक दी। क्लर्क ने कनखियों से कुछ इशारा किया और बोला-‘सब ठीक है।’
विज्ञापन
साहब ने एक बार मीडियाकर्मियों की तरफ देखा, फिर क्लर्क को घूरा। जैसे कह रहे हों ‘थोड़ा रुक जा।’ लेकिन वह दस्तखत करवाने के लिए अड़ा रहा तो गुस्साकर बोले-‘मुझे कोई पैसा-वैसा नहीं लेना, जो अर्जेंट करूं। काम लाइन से ही होगा।’
विज्ञापन
क्लर्क सकपकाया, जैसे इशारा समझ गया हो। साथ आए वकील साहब मुस्कराए। बोले-‘सारे मोहकमे घूम आया-यहां इस कदर ईमानदारी, ओफ्फो।’