{"_id":"594ab8d44f1c1bbd368b468f","slug":"home-ministry-decide-no-forgiveness-for-terrorist","type":"story","status":"publish","title_hn":"आतंकियों को लेकर गृह विभाग ने जारी किए नए आदेश, जानिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आतंकियों को लेकर गृह विभाग ने जारी किए नए आदेश, जानिए
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 21 Jun 2017 11:50 PM IST
विज्ञापन
demo pic
प्रदेश भर की जेलों में बंद सिद्धदोष बंदियों की सजा माफी को लेकर गृह विभाग ने दिशानिर्देश जारी किए हैं। शासन स्तर पर यह तय किया गया है कि बलात्कार, डकैती, आतंकवाद, पेशेवर हत्यारे, पैरोल के दौरान हत्या करने वाले बंदी, जेल के अंदर या न्यायालय परिसर में हत्या करने वाले बंदी, तस्करी के दौरान हत्या करने वाले, पूर्व नियोजित एवं संगठित होकर हत्या करने वालों की दया याचिका पर विचार नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
गृह विभाग द्वारा बुधवार को जारी एक शासनादेश में प्रमुख सचिव गृह की अध्यक्षता में आईजी कारागार समेत तीन सदस्यीय टीम तमाम पहलुओं का बारीकी से परीक्षण करेगी। इसके तहत बंदी द्वारा भोगी गई सजा की अवधि, उसका आचरण, पैरोल या जमानत अवधि में आचरण, बंदी की आयु व स्वास्थ्य, उसके द्वारा किए गए अपराध की प्रवृत्ति और परिस्थितियां समेत दस बिंदुओं का परीक्षण किया जाएगा।
विज्ञापन
इसके अलावा दया याचिका प्राप्त होने के एक सप्ताह के भीतर संबंधित कारागार के अधीक्षक बंदी की जेल रिपोर्ट आईजी जेल को उपलब्ध कराएंगे। इसके अलावा आईजी जेल संबंधित डीएम और एसपी से छह विभिन्न बिंदुओं पर आख्या मांगेंगे। इसमें बंदी और उसके परिवार की सामाजिक व आर्थिक स्थिति, बंदी द्वारा दोबारा अपराध करने के अवसर व उनके आधार, बंदी का पुराना आपराधिक इतिहास आदि को रखा गया है।
विज्ञापन
इसके बाद वृद्धावस्था, पूर्ण विकलांगता अथवा असाध्य रोग से ग्रस्तता की पुष्टि के लिए मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट ली जाएगी। इस बोर्ड में सीएमओ के अलावा जिला अस्पताल का वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी और विशेषज्ञों की टीम रहेगी।