महापुरुषों की जयंती पर कॉलेजों में छुट्टी खत्म, 15 सितंबर के बाद नहीं होंगे चुनाव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों में अब महापुरुषों की जयंती पर छुट्टी नहीं होगी। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि सभी महापुरुषों की जयंती परिसर में ही मनाई जाएगी। मंगलवार को उच्च शिक्षा मंत्री दून विश्वविद्यालय में गढ़वाल मंडल के सभी कॉलेजों के छात्रसंघ पदाधिकारियों से रूबरू हुए।
मंगलवार को दून विवि के ऑडिटोरियम में उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारियों और छात्रसंघ पदाधिकारियों के बीच पहुंचे उच्च शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत ने छात्रों से मन की बात कही।
उन्होंने कहा कि 15 सितंबर के बाद प्रदेश के किसी भी महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव नहीं होगा। कोर्स खत्म होने के एक महीने के भीतर छात्र को डिग्री मिल जाएगी। हर कॉलेज की लाइब्रेरी के विकास में स्थानीय विधायक पांच-पांच लाख रुपये देंगे।
उच्च शिक्षा मंत्री ने कहा कि किसी भी महापुरुष की जयंती पर अब किसी भी विवि या महाविद्यालय में छुट्टी नहीं रखी जाएगी। इसके बजाए वह जयंती विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से परिसर में ही मनाई जाएगी।
कॉलेजों में एनएसएस, एनसीसी के साथ ही खेल व योगा भी अनिवार्य किया जाएगा। योगा माह में कम से कम एक या दो बार कराना होगा। इस मौके पर श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विवि के कुलपति डा. यूएस रावत ने कहा कि उच्च शिक्षा की दिशा में सरकार द्वारा उठाए जा रहे कदम जरूरी और सराहनीय हैं।
शुल्क का होगा इस्तेमाल
उन्होंने अपनी ओर से शिक्षा सुधार में हरसंभव मदद का भरोसा दिया। दून विवि के कुलपति प्रो. वीके जैन ने कहा कि उच्च शिक्षा के उन्नयन के लिए सरकार जो कदम उठा रही है, वह सराहनीय हैं।
इस मौके पर उच्च शिक्षा निदेशक डा. बीसी मलकानी, ई-लर्निंग नोडल अधिकारी डा. शिव सिद्ध, उप निदेशक डा. पीके पाठक, दून विवि कुलसचिव डा. बीएम हरबोला समेत बड़ी संख्या में छात्रसंघ पदाधिकारी मौजूद रहे।
शुल्क का होगा इस्तेमाल
कॉलेजों में रखरखाव समेत विभिन्न मदों में लिए जा रहे शुल्क का अब कॉलेज हित में इस्तेमाल किया जाएगा। उच्च शिक्षा मंत्री डा. धन सिंह रावत ने कहा कि तमाम कॉलेज ऐसे हैं, जहां करोड़ों रुपये खातों में पड़े हैं। उनका इस्तेमाल कर मंत्री ने पूरी रिपोर्ट मांगी है।