{"_id":"6a6a3bd7ba63f922230a1992","slug":"hiv-gis-mapping-of-high-risk-areas-to-be-conducted-dm-issues-directives-to-accelerate-sampling-and-testing-2026-07-29","type":"story","status":"publish","title_hn":"HIV: हाई रिस्क क्षेत्रों की होगी जीआईएस मैपिंग; डीएम ने सैंपलिंग और जांच में तेजी लाने के दिए निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
HIV: हाई रिस्क क्षेत्रों की होगी जीआईएस मैपिंग; डीएम ने सैंपलिंग और जांच में तेजी लाने के दिए निर्देश
Wed, 29 Jul 2026 11:14 PM IST
Alka Tyagi
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:14 PM IST
सार
जिलाधिकारी ने कहा कि समय पर जांच, सटीक परामर्श और जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच, संक्रमण रोकने की सबसे प्रभावी रणनीति है।
विज्ञापन
एचआईवी संक्रमण
- फोटो : Adobe Stock Image
विस्तार
देहरादून जिले को एचआईवी मुक्त बनाने के उद्देश्य से प्रशासन ने संक्रमण की रोकथाम, जांच और उपचार व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का फैसला किया है। बुधवार को ऋषिपर्णा सभागार में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित मिशन एड्स सुरक्षा अभियान की समीक्षा की। उन्होंने हाई रिस्क वाले क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग कर सैंपलिंग और जांच में तेजी लाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
जिलाधिकारी ने कहा कि समय पर जांच, सटीक परामर्श और जरूरतमंदों तक स्वास्थ्य सेवाओं की आसान पहुंच, संक्रमण रोकने की सबसे प्रभावी रणनीति है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को हाई रिस्क क्षेत्रों की जीआईएस मैपिंग कराने और यौनकर्मी, ट्रांसजेंडर समुदाय, इंजेक्टिंग ड्रग यूजर्स, वाहन चालकों और प्रवासी आबादी के बीच जागरूकता, काउंसलिंग और अर्ली टेस्टिंग बढ़ाने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
मालदेवता में बवाल: सड़क खोलने पहुंचे PMGSY कर्मियों से मारपीट; चालक की उंगली टूटी, इंजीनियर भी हुए घायल
विज्ञापन
संक्रमित व्यक्तियों को तुरंत एआरटी केंद्रों से जोड़ने, कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग और गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध जांच सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। एचआईवी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियां दूर करने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने तथा पुलिस, शिक्षा और अन्य विभागों की भागीदारी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में बताया गया कि वर्ष 2025-26 में जिले में 85,065 लोगों की एचआईवी जांच की गई, जिनमें 583 संक्रमित पाए गए। सभी को एआरटी केंद्रों के माध्यम से उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया है।