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आर्ट गैलरी में दिखेंगे 70 सालों तक हिमालय में आए बदलावों के चित्र, केंद्रीय मंत्री ने किया उद्घाटन

Sat, 14 Sep 2019 10:06 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 14 Sep 2019 10:06 AM IST
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Himalaya Seven decades Rare Pictures Art gallery Inauguration in Gangotri dham
आर्ट गैलरी का उद्घाटन करते सीएम त्रिवेंद्र और केंद्रीय मंत्री शेखावत - फोटो : अमर उजाला

गंगोत्री धाम पहुंचने वाले तीर्थयात्री एवं पर्यटक अब यहां तपोवनम् हिरण्यगर्भ कला दीर्घा में हिमालय एवं गंगा में बीते सात दशकों में आए बदलावों के साथ ही पहाड़ की समृद्ध संस्कृति के दर्शन कर सकेंगे।

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, आरएसएस के राष्ट्रीय सह कार्यवाह सुरेश सोनी एवं दत्तात्रेय होसबोले ने स्वामी सुंदरानंद की इस आर्ट गैलरी का लोकार्पण किया। 
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अमेरिका आदि देशों से पहुंचे उनके अनुयायियों समेत सैकड़ों लोग इस अनमोल विरासत के मूर्त रूप लेने के साक्षी बने। लोकार्पण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा कि यह सिर्फ आर्ट गैलरी नहीं बल्कि स्वामी सुंदरानंद द्वारा सात दशकों तक हिमालय में की गई साधना का फल है। 
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आर्ट गैलरी विश्व धरोहर है। इसके माध्यम से लोगों को हिमालय एवं गंगा को समझने में आसानी होगी। केंद्रीय मंत्री शेखावत ने कहा कि विशाल हिमालय को घूमने के लिए एक जीवन भी कम है, लेकिन इस गैलरी में पूरे हिमालय के दर्शन हो जाते हैं।

यह गैलरी शोध का बड़ा केंद्र बनेगी। सरकार ने अगले वर्ष कुंभ मेले से पूर्व गंगोत्री से ऋषिकेश तक गंगा को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने का लक्ष्य तय किया है। इसमें आम जनता की भागीदारी जरूरी है।

आर्ट गैलरी में गुरू शिष्य की दुर्लभ वस्तुएं बनी आकर्षण का केंद्र 

गंगोत्री धाम स्थित तपोवनम् हिरण्यगर्भ कलादीर्घा आर्ट गैलरी में तस्वीरों के अलावा स्वामी सुंदरानंद व उनके गुरू स्वामी तपोवन महाराज की दुर्लभ वस्तुओं की भी प्रदर्शनी लगाई गई है। आर्ट गैलरी की तीसरी मंजिल में अगल-बगल बने कमरों में संजोकर रखी गई यह वस्तुएं गुरू व शिष्य के जीवन काल को दर्शाती हैं।

स्वामी सुंदरानंद के कक्ष में उनके ट्रैकिंग व फोटोग्राफी से जुड़े उपकरणों के साथ ही साधना के दौरान प्रयोग की गई मृगछाल व अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा भेंट की गई माला भी रखी गई हैं।

जबकि स्वामी तपोवन महाराज के कक्ष में उनकी खड़ाऊ, पुस्तकें व कमंडल आदि सामान रखा गया है। दशकों पहले प्रयोग की गई यह वस्तुएं सभी के आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं।
 

स्वामी सुंदरानंद की सेहत पर भारी पड़ रही उम्र

सात दशकों तक हिमालय में साधना कर आर्ट गैलरी के रूप में एक सपने को साकार करने वाले 94 वर्षीय स्वामी सुंदरानंद उद्घाटन समारोह में सक्रिय सहभाग नहीं कर पाए। बीते कुछ दिनों से उनका स्वास्थ्य खराब होने के कारण वे अपनी कुटिया के भीतर लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर हैं।

सीएम एवं केंद्रीय मंत्री समेत अन्य अतिथियों ने कुटिया के भीतर ही उनसे मुलाकात की। स्वामी जी ने उन्हें भोजपत्र की माला भेंट की। कुटिया के भीतर से ही कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्वामी सुंदरानंद ने कहा कि यह आर्ट गैलरी सर्व धर्म सम्भाव का केंद्र है। उन्होंने कहा कि हिमालय, गंगा आदि प्रकृति ही ईश्वर का रूप है और इसका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। 

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