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उत्तराखंड: दुर्गम क्षेत्रों में हाई स्पीड इंटरनेट की राह आसान, 1258 क्षेत्रों में मिलेगी कनेक्टिविटी

Mon, 07 Oct 2019 08:38 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 07 Oct 2019 08:38 AM IST
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High Speed Internet Services will provide in uttarakhand 1258 inaccessible places
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

उत्तराखंड के दुर्गम क्षेत्रों को हाई स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी से जोड़ने की राह आसान हो गई है। सरकार ने प्रदेश में टावर लगाने और फाइबर केबिल डालने के लिए बनाई गई राइट आफ वे पॉलिसी को सिंगल विंडो सिस्टम से जोड़ दिया है। इससे टेलीकॉम और ब्राडबैंड सर्विस प्रदाता कंपनियों को विभिन्न विभागों से क्लीयरेंस लेने में आसानी होगी। प्रदेश में 1258 ऐसे क्षेत्र हैं, जहां अभी तक इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा नहीं है। नीति को सिंगल विंडो से क्रियान्वित करने में उत्तराखंड देश का चौथा राज्य है। 

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प्रदेश में संचार सेवाएं व इंटरनेट कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए विभागीय स्तर पर क्लीयरेंस देने में बाधा आ रही थी। जिसके चलते टेलीकॉम और इंटरनेट सर्विस प्रदाता प्राइवेट कंपनियों को टावर लगाने और फाइबर केबिल डालने के लिए समय पर विभागों से क्लीयरेंस न मिलने की वजह से कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। इसे देखते हुए सरकार ने पहली बार राइट आफ वे नीति लागू की।
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अब सरकार ने इस नीति को क्रियान्वित करने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम शुरू कर दिया है। इससे अब टेलीकाम कंपनियों को वन, पर्यावरण प्रदूषण बोर्ड, गृह, राजस्व, आईडी, लोक निर्माण, स्वास्थ्य समेत 15 विभागों की एनओसी लेने के लिए उनके कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। सिंगल विंडो सिस्टम पर समयावधि के भीतर विभागों को क्लीयरेंस देनी होगी। 
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निगरानी के लिए राज्य और जिले स्तर पर समिति का गठन
सरकार ने प्रदेश में दूरसंचार के बुनियादी ढांचे को विकसित करने के मामलों की निगरानी के लिए राज्य और जिले स्तर पर समिति का गठन किया है। सिंगल विंडो पर आवेदन के मामलों की समीक्षा समितियों के माध्यम से की जाएगी। नीति में भूमिगत और जमीन के ऊपर दूरसंचार ढांचा विकसित करने की राह आसान की गई है। 


प्रदेश में 1258 ऐसे क्षेत्र चिहिन्त किए गए हैं। जहां पर अभी तक इंटरनेट कनेक्टिविटी की सुविधा नहीं है। प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में हाई स्पीड इंटरनेट और ब्राडबैंड सेवा के लिए राइट वे पॉलिसी बनाई है। कनेक्टिविटी बढ़ने से पहाड़ों में आईटी, बीपीओ सेक्टर में रोजगार की संभावनाएं बढ़ेगी और सरकारी सेवाओं की पहुंच आम लोगों तक होगी।
- आरके सुधांशु, सचिव, आईटी विभाग

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