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केदारघाटी में आपदा के बाद लगा बिजली का 'करंट'
अमर उजाला, रुद्रप्रयाग
Updated Wed, 27 Nov 2013 07:52 AM IST
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आपदा के बाद से केदारघाटी में भले ही विद्युत आपूर्ति सुचारु नहीं हुई हो, लेकिन ऊर्जा निगम की ओर से प्रभावितों को भारी भरकम बिल थमाए जा रहे हैं। लोगों का कहना है कि सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों का बिल माफ करने का झूठा वादा किया था।
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ब्यवसायिक भवन बह गए थे
जून में आए जलप्रलय में जहां कई व्यवसायिक प्रतिष्ठान ध्वस्त हो गए, वहीं सड़क अवरुद्ध होने और यात्रा बंद होने से व्यापार भी ठप हो गया। लघु उद्योग आपदा से बुरी तरह प्रभावित हो गए। इस पर उद्यमियों ने विद्युत बिल में मिलने वाले 75 फीसदी अनुदान के बजाय 100 फीसदी छूट की मांग की थी, जिस पर सरकार ने बिल माफ करने का आश्वासन भी दिया। बावजूद इसके ऊर्जा निगम की ओर से उन्हें भारी भरकम बिल भेजे जा रहे हैं।
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विद्युत आपूर्ति सुचारू नहीं
आपदा के बाद से केदारघाटी में अभी तक विद्युत आपूर्ति सामान्य नहीं आ पाई है। रोज घंटों रोस्टिंग होती है। रात के वक्त लो वोल्टेज से विद्युत उपकरण काम नहीं करते हैं। लमगौंडी निवासी महेश बगवाड़ी का कहना है कि गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज ने बिजली-पानी के बिलों को माफ करने का आश्वासन दिया था, लेकिन उन्हें हजारों के बिल मिल रहे हैं।
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उद्यमी रमेश पहाड़ी ने पर्वतीय उद्योग प्रोत्साहन नीति के तहत विद्युत बिलों में दी जाने वाली छूट शत प्रतिशत करने की मांग की थी, जिस पर सरकार ने इसका प्रस्ताव को केंद्र को भेजा।