उत्तराखंड: हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा लगाने के निर्देश, नहीं मानें तो रोका जाएगा वेतन
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हाईकोर्ट ने प्रदेश में हड़ताल कर रहे सरकारी कर्मचारियों पर एस्मा लगाने के निर्देश दिए हैं। यदि कर्मचारी नहीं मानते हैं तो वेतन रोकने संबंधी अन्य कार्रवाई की जाए। कोर्ट ने सरकार को यह भी निर्देश दिए हैं कि सरकार कर्मचारियों की जायज मांगों पर भी विचार करें।
बुधवार को हाईकोर्ट ने कर्मचारियों की हड़ताल पर स्वत: संज्ञान लिया था। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी की खंडपीठ ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया।
कोर्ट में बताया गया कि उत्तराखंड कार्मिक आउटसोर्स संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर विभिन्न विभागों के 12 हजार कर्मचारी हड़ताल पर हैं। कर्मचारियों की 13 मांगें हैं और ये समान कार्य व समान वेतन के अलावा एसीपी का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। कोर्ट के संज्ञान में आया कि कर्मचारियों की हड़ताल से जन सेवाएं प्रभावित हो रहीं हैं।
इस मामले को एक जनहित याचिका के रूप में स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सरकार को हड़ताली कर्मचारियों पर एस्मा लगाने के निर्देश दिए और कहा कि सरकार इन कर्मचारियों की मांगों पर भी विचार करे। कर्मचारी संगठनों की शिकायत है कि सरकार उनकी जायज मांगों पर समय से विचार नहीं करती और अंतिम विकल्प के रूप में उन्हें हड़ताल का सहारा लेना पड़ता है।
हाईकोर्ट ने पहले भी कर्मचारियों की हड़ताल को लेकर सख्त रुख अपनाया है। शिक्षकों की हड़ताल के समय भी हाईकोर्ट ने हड़तालियों के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का निर्देश दिए थे। उस समय कर्मचारियों ने कहा था कि वे हड़ताल पर नहीं हैं और कार्य बहिष्कार कर रहे हैं। प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारी भी हड़ताल शब्द की बजाय कार्य बहिष्कार करने की ही बात कर रहे हैं।