उत्तराखंड: अतिक्रमण मामले में हाईकोर्ट की तल्ख टिप्पणी, 'अतिक्रमणकारियों को ही बचा रही सरकार'
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कार्बेट पार्क के बाद अब रुद्रपुर में नजूल भूमि पर अतिक्रमण के मामले में हाईकोर्ट ने कहा कि सरकार अतिक्रमणकारियों को ही बचा रही है।
कोर्ट ने चार सितंबर को इस मामले की सुनवाई तय करते हुए शहरी विकास और आवास के प्रमुख सचिवों को शपथ पत्र पेश करने का आदेश दिया है।
रुद्रपुर निवासी सेवा राम की जनहित याचिका पर हुई सुनवाई में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजीव शर्मा और न्यायमूर्ति मनोज तिवारी की खंडपीठ के समक्ष प्रमुख सचिव आवास और जिलाधिकारी ऊधमसिंह नगर पेश हुए। दोनों अधिकारियों ने स्वीकार किया कि रुद्रपुर के भदईपुरा में नजूल की भूमि पर अतिक्रमण है। दोनों अफसरों ने कोर्ट से उन्हें और समय देने का आग्रह किया।
'सरकार अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है'
इसी मामले में पूर्व में हुई सुनवाई में कोर्ट ने नौ नवंबर 2016 के आदेश के बाद भी अतिक्रमण न हटाने पर नाराजगी जताते हुए शहरी विकास और आवास के प्रमुख सचिवों को कोर्ट में उपस्थित होने का आदेश दिया था।
उस समय सरकार ने एक हलफनामा देकर माना था कि निगम की 551.89 एकड़ नजूल भूमि पर 14,154 लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है।
यह पहला मामला नहीं है जब हाईकोर्ट ने अतिक्रमण के मामले में सरकार पर तल्ख टिप्पणी की हो, इससे पहले कार्बेट पार्क से संबंधित याचिका में भी कोर्ट ने कहा था कि सरकार अतिक्रमणकारियों को बचाने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।