उत्तराखंड: कांग्रेस उपाध्यक्ष को CBI कोर्ट में पेश होने के आदेश
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हाईकोर्ट ने उत्तराखंड आंदोलन के दौरान आंदोलनकारियों पर गोली चलाने के आरोपी तत्कालीन सपा नेता और वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना को 20 जनवरी को स्पेशल जज सीबीआई के समक्ष पेश होने को कहा है।
उसी दिन उनकी जमानत अर्जी पर भी सुनवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही कोर्ट ने सीबीआई की अपील को स्वीकार करते हुए निचली अदालत का रिकार्ड कोर्ट में तलब किया है।
न्यायमूर्ति आलोक सिंह एवं न्यायमूर्ति सर्वेश कुमार गुप्ता की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष बुधवार को मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार 2 अक्तूबर 1994 को उत्तराखंड आंदोलन के दौरान रामपुर तिराहा कांड के बाद तीन अक्तूबर को राज्य आंदोलनकारी तत्कालीन सपा नेता सूर्यकांत धस्माना के देहरादून स्थित नन्ही दुनिया आवास पर जमा हुए।
निचली अदालत के फैसले को CBI ने दी थी चुनौती
इस दौरान धस्माना के बचाव में फायरिंग की गई, जिसमें राजेश रावत की मृत्यु हो गई थी और दो अन्य घायल हो गए थे। इस प्रकरण में एफआईआर दर्ज की गई थी।
पूर्व में सुनवाई के बाद स्पेशल जज सीबीआई ने साल 2012 में धस्माना को आरोपों से बरी कर दिया। सीबीआई ने इस आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। पक्षों की सुनवाई के बाद खंडपीठ ने सूर्यकांत धस्माना को 20 जनवरी तक स्पेशल जज सीबीआई के समक्ष पेश होने को कहा है।