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सरकार वापस करे ग्राम सभा की भूमि: हाईकोर्ट
अमर उजाला, नैनीताल
Updated Mon, 21 Apr 2014 09:08 PM IST
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हाईकोर्ट ने सरकार की ओर से ग्राम सभा केदारपुर, देहरादून की 25 एकड़ भूमि उच्च शिक्षा के लिए दून विश्वविद्यालय को स्थापित करने के लिए आवंटित करने और बाद में उस भूमि को इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को आवंटित करने के मामले में सरकार के इस आदेश को गलत मानते हुए भूमि ग्राम सभा को वापस करने के निर्देश दिए हैं।
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सोमवार को न्यायमूर्ति बीएस वर्मा एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
विवि को दी थी जमीन
सिटीजन फॉर ग्रीन दून ट्रस्ट के अध्यक्ष नितिन पांडे ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि सरकार ने ग्राम सभा केदारपुर जनपद देहरादून की 25 एकड़ भूमि को दून विवि को स्थापित करने के लिए आवंटित की थी जिसकी समयावधि तीन वर्ष थी।
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समयावधि पूरी होने के बाद जब विवि नहीं बना तो सरकार ने वह भूमि इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को आवंटित कर दी।
सरकार के फैसले को चुनौती
इसे याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि सरकार की ओर से संबंधित भूमि को इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट को आवंटित करना गलत है।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उस भूमि को ग्राम सभा को वापस करने के निर्देश दिए हैं।