कॉलेजों में अब नहीं मिलेगा सबको दाखिला!
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उत्तराखंड राज्य के कॉलेजों में दाखिले यूजीसी के तय मानकों के अनुरूप ही किए जा सकेंगे। यह आदेश नैनीताल उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका की बाबत राज्य सरकार की एक अर्जी की सुनवाई के दौरान दिया।
इस आदेश से प्रदेश के उन सभी डिग्री कॉलेजों पर असर पड़ेगा जिन्होंने निर्धारित संख्या से अधिक छात्रों को प्रवेश दिया है। सरकार को भी हाईकोर्ट से राहत मिलने की उम्मीद नहीं थी इसीलिए उच्च शिक्षा विभाग कई दिनों से कसरत कर रहा था।
राज्य सरकार ने हलफनामा दाखिलकर उच्च न्यायालय से अनुरोध किया था कि उसे साल भर के लिए कालेजों में एडमिशन की पुरानी व्यवस्था बनाए रखने की इजाजत दी जाए। यूजीसी के मानकों के अनुरूप अगले साल से परिवर्तन कर दिया जाएगा।
मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति वीके बिष्ट की संयुक्त खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई।
कोर्ट के आदेश से राज्य सरकार को झटका
देहरादून निवासी दौलतराम सेमवाल ने हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि देहरादून के डीएवी कॉलेज सहित अन्य कालेजों में निर्धारित मानकों से अधिक छात्रों को प्रवेश दिया जा रहा है।
साथ ही यूजीसी के मानकों के अनुरूप साल में 180 दिन पढ़ाई नहीं कराई जा रही है। मामले में राज्य सरकार ने शपथपत्र देकर कोर्ट में प्रार्थना की थी कि 2014-15 में छात्रों के प्रवेश के लिए पुरानी स्थिति बनाई रखी जाए और इसमें 2015-16 से परिवर्तन किया जाए।
इसी मामले में टीचर्स एसोसिएशन की ओर से भी एक याचिका दायर करके पक्षकार बनने के लिए प्रार्थनापत्र दिया गया था।
पक्षों को सुनने के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार के उस प्रार्थनापत्र को खारिज कर दिया जिसमें 2014-15 में छात्रों के प्रवेश के लिए पुरानी स्थिति बनाए रखने की प्रार्थना की गई थी।
सरकार के अनुरोध को ठुकराते हुए कोर्ट ने कहा कि चालू सत्र से ही डिग्री कालेजों में तय मानकों के आधार पर प्रवेश दिए जाएं। मामले में अन्य बिंदुओं पर अगली सुनवाई 12 अगस्त को होगी।
कोर्ट के आदेश पर झुकी सरकार
सरकार कोर्ट के हर फैसले का सम्मान करेगी। जल्द ही सभी विश्वविद्यालयों के कुलपतियों की बैठक बुलाकर यह प्रयास किए जाएं कि किस तरह वर्तमान व्यवस्था में ही अधिक से अधिक बच्चों को दाखिला मिल सके और निर्धारित मानक भी पूरा हो।
-इंदिरा हृदयेश, उच्च शिक्षा मंत्री।
हमने कोर्ट के सामने पूरी स्थिति रख दी थी। फिलहाल दिक्कतें हैं। कोर्ट ने जितनी सीट हैं उन पर दाखिला करने और विधिवत अनुमन्य सीटें बढ़ाने की बात कही है। अभी पूरी तरह से कोर्ट का आदेश नहीं देखा है। कोर्ट ने जो आदेश दिए हैं उनका अनुपालन किया जाएगा।
-मनीषा पंवार, प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा।