प्रसिद्ध हेमकुंड साहिब के कपाट शनिवार को शीतकाल के लिए बंद हो गए। शनिवार दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर हेमकुंड साहिब में अंतिम अरदास पढ़ी गई, इसके बाद धाम के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान करीब तीन हजार श्रद्धालु मौजूद रहे। हेमकुंड के साथ ही यहां स्थित लोकपाल लक्ष्मण मंदिर के कपाट भी बंद हो गए हैं।
शीतकाल के लिए बंद हुए सिखों के पवित्र धाम हेमकुंड साहिब के कपाट
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डेढ़ बजे धाम के कपाट शीतकाल के लिए होंगे बंद
शनिवार को हेमकुंड साहिब के कपाट बंद होने के दौरान शामिल हुए श्रद्धालुओं ने पवित्र हेमकुंड सरोवर में स्नान किया और हेमकुंड साहिब में मत्था टेका। कपाट बंद होने के बाद वृद्ध गुरुग्रंथ साहिब को पंच प्यारों की अगुवाई में यात्रा के प्रमुख पड़ाव घांघरिया लाया गया।
रविवार को गुरुग्रंथ साहिब गोविंद घाट स्थित गुरुद्वारे में रखा जाएगा। गोविंद घाट गुरुद्वारे के वरिष्ठ प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने बताया कि हेमकुंड साहिब आने के लिए श्रद्धालुओं का पूरे सीजन तांता लगा रहा।
उम्मीद है कि आगामी वर्ष हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा भव्य रूप से चलेगी। इस मौके पर मुख्य ट्रस्टी सरदार जनक सिंह, अल्क संख्यक आयोग के अध्यक्ष नरेंद्र जीत सिंह बिंद्रा, पटना साहेब के मुख्य ग्रंथी ज्ञानी इकबाल सिंह, चरण जीत सिंह, मनप्रीत सिंह, मिलाप सिंह आदि मौजूद थे।
कब क्या हुआः सुबह 9.30 बजे - गुरुग्रंथ साहिब का सुखमणी पाठ आरंभ। सुबह 11 से 12 बजे - सबद कीर्तन। दोपहर 12 बजे - गुरु साहब का संगतों के लिए हुक्मनामा। दोपहर 12.15 बजे - कीर्तन सोल का पाठ व इस वर्ष की अंतिम अरदास। दोपहर 12.30 बजे - पंच प्यारों की अगुवाई में गुरुग्रंथ साहिब को सतखंड में रखा गया और कपाट बंद।