बदरीनाथ हेलिकॉप्टर हादसा: डीजीसीए और एएआईबी की टीम करेगी दुर्घटना की जांच, आज पहुंचेंगे विशेषज्ञ
चारधाम यात्रा के दौरान हेलिकॉप्टरों की सुरक्षा और संचालन को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पिछले साल हुए हादसों के बाद निगरानी और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए गए थे, इसके बावजूद इस साल यात्रा के अंतिम चरण में पहला हेलिकॉप्टर हादसा हो गया।
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चमोली जिले के ज्योतिर्मठ क्षेत्र में हुए हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) और डीजीसीए की टीम करेगी। शनिवार को विशेषज्ञों की टीम उत्तराखंड पहुंचेगी। जांच के बाद ही हादसे के कारणों का सही पता लग पाएगा। इस साल चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में पहला हेलिकॉप्टर हादसा है।
वर्ष 2025 में चारधाम यात्रा के दौरान पांच हेलिकॉप्टर हादसे हुए थे। इसमें तीन हादसों में आपात लैंडिंग में हेलिकॉप्टर क्षतिग्रस्त हुए थे लेकिन जानमाल का नुकसान नहीं हुआ था। उत्तरकाशी व केदार घाटी में दो हेलिकॉप्टर दुर्घटनाओं में पायलट सहित 13 यात्रियों की मौत हुई थी। हेलिकॉप्टर दुर्घटना को रोकने के लिए प्रदेश सरकार के साथ डीजीसीए सख्त कदम उठाए थे।
डीजीसीए के दिशानिर्देश पर हेलिकॉप्टर संचालन के लिए एसओपी बनाने के साथ निगरानी बढ़ाई है। सोनप्रयाग व सहस्त्रधारा में एयर ट्रैफिक कंट्रोल सिस्टम (एटीएस) व सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए। इसके अलावा मौसम खराब होने पर हेलिकॉप्टरों की हवाई उड़ान की अंतिम नहीं दी जाती है।
हादसों का कारण स्पष्ट नहीं हुआ पाया
चारधाम यात्रा अंतिम चरण में निगरानी व सुरक्षा मानकों के कारण पिछले साल की तुलना में हेलिकॉप्टर दुर्घटनाएं नहीं हुई थी। लेकिन हेलिकॉप्टरों की आपात लैंडिंग से हादसा टल गया था। शुक्रवार को ज्योतिर्मठ के पास ट्रांस भारत एविएशन के हेलिकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। लेकिन हादसों का कारण स्पष्ट नहीं हुआ पाया है। यूकाडा के अधिकारियों के अनुसार दुर्घटनाग्रस्त हेलिकॉप्टर से पांच मिनट पहले और बाद में उसी क्षेत्र से हेलिकॉप्टरों की उड़ान भरी। पायलटों की ओर से खराब मौसम की शिकायत नहीं बताई। हेलिकॉप्टर में तकनीकी खराबी जांच के बाद ही सामने आएगी।
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उत्तराखंड नागरिक उड्डयन विकास प्राधिकरण के सीईओ प्रतीक जैन ने बताया कि हेलिकॉप्टर दुर्घटना की जांच डीजीसीए व एएआईबी की विशेषज्ञों की टीम करेगी। शनिवार को टीम उत्तराखंड पहुंच कर घटनास्थल पर निरीक्षण करेगी।