उत्तराखंडः कई जगह बारिश, अफरातफरी के बाद अलर्ट
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तराखंड के विभिन्न इलाकों में मूसलाधार बारिश से जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली वहीं तांबाखाणी के पास मलबा आने से गंगोत्री हाईवे डेढ़ घंटे तक बंद रहा।
21 जून तक बारिश की संभावना को देखते प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। शाम चार बजे के बाद हल्की बारिश शुरू हुई।
कुछ देर बाद झमाझम बारिश से गंगोत्री हाईवे पर तांबाखाणी के पास मलबा आ गया, जिससे मार्ग पर वाहनों की आवाजाही बंद हो गई।
इससे सड़क के दोनों छोर पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब डेढ़ घंटे बाद बीआरओ की जीसीबी मशीन ने मलबा हटाकर हाईवे पर यातायात बहाल कराया।
दोपहर में जिला मुख्यालय पर तापमान 38 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया था, जो बारिश के बाद शाम को 25 डिग्री पर आ गया। डीएम श्रीधर बाबू अद्दांकी ने बताया कि 21 जून तक बारिश की संभावना को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया है। उन्होंने स्वयं पंचायत चुनाव को लेकर पुरोला दोरा स्थगित कर दिया है।
ग्रामीणों में दहशत
उत्तराखंड में कई जगह मंगलवार को दोपहर बाद अचानक मौसम बदल गया। तेज हवाओं के साथ जिले के विभिन्न हिस्सों में मूसलाधार बारिश हुई।
बारिश को देखते हुए आपदा प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में दहशत फैल गई। नंदप्रयाग के समीप तेफना गांव के ग्रामीणों ने भारी बारिश को देखते हुए अपने घर छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर चले गए।
सांय छह बजे बारिश धीमी पड़ने के बाद ग्रामीण पुन: अपने घरों को लौटे। तेफना गांव निवासी बलवंत, बल्लू लाल, प्रेम सिंह और प्रभाकर का कहना है कि बीते वर्ष 21 जुलाई को तेफना गदेरे में बादल फटने से उनके आवासीय भवन पूरी तरह से हिले हुए हैं। जिस कारण थोड़ी सी बारिश होने पर भी घर छोड़ने को मजबूर हैं।
अफरा-तफरी का माहौल रहा
जोशीमठ, नंदप्रयाग और पोखरी क्षेत्रों में भी भारी बारिश को देखते हुए ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
सांय छह बजे बारिश थोड़ी थीमी पड़ जाने से आपदा प्रभावितों ने राहत की सांस ली। गोपेश्वर में भी तेज बारिश हुई। जिससे लोगों को गरमी से राहत मिल गई है।
झमाझम हुई बारिश, लुढ़का पारा
सुबह सबेरे बादलों की गड़गड़ाहट और तेज हवाओं के साथ बारिश की बौछारों ने क्षेत्र का पारा लुढ़का दिया। दिनभर आसमान में छाए बादलों ने लोगों को गर्मी से राहत दी।
मौसम का मिजाज बदला
मंगलवार सुबह मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश की बौछारों के साथ चली तेज हवाओं ने मौसम को ठंडा कर दिया। हालांकि बारिश के बाद लोगों को उमस का सामना करना पड़ा। दिनभर आसमान पर छाए बादलों और सूर्यदेव के बीच लुका-छिपी के खेल के कारण तेज धूप का प्रकोप नहीं रहा।
कर्णप्रयाग में हुई मूसलाधार बारिश
मंगलवार को कर्णप्रयाग और पिंडरघाटी में मूसलाधार बारिश हुई। मंगलवार तड़के चार बजे से शुरू हुई बारिश प्रात: 7 बजे तक होती रही।
यहां दिनभर मौसम सुहावना बना रहा और ठंडी हवाएं चलती रहीं, जिससे लोगों को गर्मी से भी राहत मिली। बारिश से पिंडर नदी का जलस्तर बढ़ने के साथ उसका रंग भी मटमैला हो गया है। कर्णप्रयाग में शाम चार बजे शुरू हुई मूसलाधार बारिश दो घंटे तक हुई।
बारिश ने खोली निकासी व्यवस्था की पोल
मानसून की बारिश ने कर्णप्रयाग में बरसाती पानी की निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। मूसलाधार बारिश ने भले ही
नगरवासियों को उमस भरी गर्मी से राहत दिलाई हो, लेकिन इस दौरान नगर का कूड़ा-कचरा भी रास्तों और सड़क पर बिखर गया।
सुभाष नगर खंपियाणा मोड़ पर बरसाती पानी जमा होने से राहगीरों के साथ दुपहिया वाहनों को आवागमन में समस्या हुई।
शक्ति नगर, आईटीआई, प्रेम नगर और सांकरी आदि क्षेत्रों के पैदल रास्तों में बरसाती पानी का तेज बहाव रहा। दूसरी तरफ बदरीनाथ वन प्रभाग के पश्चिमी पिंडर रेंज के जंगलों में लगी आग भी तेज बारिश से बुझ गई है।
ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हुई झमाझम बारिश
मंडल मुख्यालय पौड़ी और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को देर सायं हल्की बारिश होने से मौसम सुहावना हो गया है। बारिश से लोगों को चिलचिलाती गरमी से काफी राहत मिल रही है।
पौड़ी मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों में मंगलवार को दिन भर मौसम गरम रहा। सायं करीब पांच बजे से आसमान में बादल छाने शुरू हुए। पौने सात बजे के आसपास कुछ देर तक हल्की बारिश होनी शुरू हो गई। जिससे शहर में तापमान जिससे शहर में तापमान घटकर 23 डिग्री पहुंच गया है।
मंगलवार अपराह्न बाद एकाएक मौसम ने करवट बदल ली। सुबह से चटख धूप के बाद अपराह्न दो बजे से बादल छाने लगे थे। अपराह्न तीन बजे बाद भिलंगना के अखोड़ी, भिलंग, बालगंगा घाटी, प्रतापनगर के रैका और उपली रमोली पट्टी में झमाझम बारिश हुई।
सांय 6.30 बजे के लगभग बारिश थम गई है। जिला मुख्यालय नई टिहरी, नैनबाग, कंडीसौड़ क्षेत्र में बारिश की एक बूंद भी सांय 7 बजे तक नहीं हुई।