बारिश-बर्फबारी से बेहाल, केदारनाथ में 240 लोग 'कैद'
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01 से तीन मार्च तक जोरदार बारिश और बर्फबारी की चेतावनी सही साबित हुई। पूरे गढ़वाल में सोमवार को दूसरे दिन भी जमकर बारिश हुई। उत्तरकाशी, चमोली व रुद्रप्रयाग जिलों में ऊंचाई वाले इलाकों में जोरदार बर्फबारी हुई। फागुन महीने में जमकर हुई बारिश और बर्फबारी से कड़ाके की ठंड के चलते पर्वतीय इलाकों में लोग घरों में कैद होकर रह गए।
देहरादून में रविवार रात से सोमवार शाम तक लगभग 20 घंटों में 142 मिलीमीटर से अधिक वर्षा रिकार्ड की गई। मसूरी, नैनीताल दोनों जगह 60 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई। टिहरी में 58.1, उत्तरकाशी में 41.5, हरिद्वार में 44.4, चंपावत में 46, जबकि अल्मोड़ा में 14.4 मिलीमीटर बारिश रिकार्ड हुई है। 2006 के बाद देहरादून में मार्च महीने में पहली बार इतनी बारिश हुई है। मौसम विभाग के मुताबिक मंगलवार को भी मौसम का मिजाज बिगड़ा रहेगा।
केदारनाथ धाम में सोमवार शाम तक साढ़े पांच फीट से भी अधिक बर्फ गिर चुकी है। पहले से ही धाम में 8 फीट से अधिक बर्फ मौजूद थी। कुल मिलाकर धाम में करीब साढ़े तेरह फीट तक बर्फ जम गई है। मंदिर परिसर से लेकर एमआई-26 हेलीपैड तक बर्फ की मोटी परत बिछ गई है।
केदारनाथ से गौरीकुंड पैदल रास्ते पर भी 2 से तीन फीट बर्फ बिछ गई है। मौसम के बिगड़े मिजाज का यहां हो रहे पुनर्निर्माण कार्यों पर भी असर पड़ रहा है। सोमवार को केदारनाथ में तापमान माइनस 2.6 डिग्री दर्ज किया गया। नेहरू पर्वतारोहण संस्थान के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि सभी मजदूरों को कैंप में रहने को कहा गया है। फिलहाल यहां मौजूद सभी 240 लोग सुरक्षित और स्वस्थ हैं। रुद्रप्रयाग जिले के अन्य ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी जमकर बर्फबारी हुई है। निचले इलाकों में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। इससे शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है।
रुक-रुककर बर्फबारी होती रही
चमोली जिले में भी सोमवार को सुबह से ही निचले क्षेत्रों में बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में रुक-रुककर बर्फबारी होती रही। इससे तापमान में भारी गिरावट आ गई है।
बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब, रुद्रनाथ, तुंगनाथ, फूलों की घाटी, बेदनी बुग्याल, औली, गौरसौं बुग्याल, पनार बुग्याल, चेनाप घाटी के साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जमकर बर्फबारी हुई। बर्फबारी से जोशीमठ-औली और गोपेश्वर-चोपता मोटर मार्गों पर आवाजाही ठप पड़ी हुई है। बर्फबारी के चलते बदरीनाथ हाईवे भी हनुमान चट्टी से आगे आवाजाही लायक नहीं है। दिनभर रुक-रुककर हो रही बर्फबारी से औली में डेढ़ फीट तो बदरीनाथ धाम में करीब 2 फीट बर्फ जम गई है।
उत्तरकाशी जिले में रविवार सुबह से शुरू हुई बारिश दूसरे दिन भी जारी रही। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी का दौर भी कायम है। इससे जनजीवन अस्तव्यस्त हो गया है। जिले में ढाई हजार मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्र बर्फ से पट गए हैं। दोपहर तक हर्षिल में करीब एक फीट बर्फ जमा हो चुकी थी। बर्फबारी वाले इलाकों में पारा शून्य के आसपास बना हुआ है। यमुनोत्री एवं गंगोत्री हाईवे समेत कई सड़कें बर्फबारी तथा कई भूस्खलन से बाधित हो गई हैं। बेमौसम बारिश किसानों की अच्छी फसल की उम्मीदों पर पानी फेरती नजर आ रही है।
गंगोत्री हाईवे रविवार देर रात धरासू नालूपाणी में भूस्खलन सक्रिय होने से बाधित हो गया। सोमवार को यहां पहाड़ी से बोल्डर गिरने से पूरे दिन में 1-2 घंटे ही जोखिम के साथ वाहनों की आवाजाही हो पाई। लालढांग तथा गंगनानी में भूस्खलन से हाईवे ठप है। सुक्की से आगे सड़क बर्फ से पटी होने से वाहनों की आवाजाही बंद है। देहरादून जिले में चकराता छावनी बाजार के साथ जौनसार बावर की मोइला टॉप, लोखंडी, कनासर, बुधेर, देववन, मोल्टा, खादरा, कांडीधार, बालचा, भौगीदार, केदारकांटा, चाईशील समेत ऊंची चोटियां पूरी तरह बर्फ से ढक चुकी हैं।
कहां कितना तापमान?
केदारनाथ में तापमान माइनस 2.6 तक पहुंचा
गोपेश्वर
अधिकतम तापमान----------5 डिग्री
न्यूनतम तापमान----------2 डिग्री
जोशीमठ
अधिकतम तापमान----------3 डिग्री
न्यूनतम तापमान----------1 डिग्री
उत्तरकाशी
अधिकतम तापमान----------12 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तामपान----------6 डिग्री
देहरादून
अधिकतम तापमान----------12.9 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम तापमान----------12.1 डिग्री