बारिश के कारण्ा बहा बदरीनाथ हाईवे
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उत्तराखंड में सोमवार को लामबगड़ के ऊंचाई वाले क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से लामबगड़ गदेरे के तेज बहाव से बदरीनाथ हाईवे करीब दस मीटर बह गया, जिससे बदरीनाथ धाम की तीर्थयात्रा रुक गई है।
पुलिस ने बदरीनाथ धाम जा रहे करीब 83 तीर्थयात्रियों को पांडुकेश्वर और जोशीमठ में ही रोक लिया है, जबकि 65 तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम में ही हैं।
सोमवार को बदरीनाथ धाम के दर्शन कर दोपहर तक 131 तीर्थयात्री अपने गंतव्य को लौट गए थे। दोपहर करीब दो बजे लामबगड़ के ऊपरी क्षेत्रों में हुई मूसलाधार बारिश से उफनाया लामबगड़ गदेरा यहां बदरीनाथ हाईवे का करीब 10 मीटर हिस्सा बहा ले गया।
पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मीणा ने बताया कि मंगलवार को हाईवे सुचारु होने के बाद ही तीर्थयात्रियों को आवागमन की अनुमति दी जाएगी।
कई संपर्क मार्ग अब भी बंद
उत्तराखंड की पहाड़ियों पर मूसलाधार बारिश से कई प्रमुख और संपर्क मार्ग बाधित हो गए। कोटद्वार और लैंसडौन में लोनिवि ने जेसीबी लगाकर मुख्य मार्गों पर दोपहर बाद किसी तरह यातायात बहाल करवाया।
हालांकि ग्रामीण अंचलों में कई संपर्क मार्ग अब भी बंद हैं। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लक्ष्मणझूला-दुगड्डा मार्ग और फतेहपुर-लैंसडौन मार्ग कई घंटे बंद रहा, जिससे शिक्षक भी समय पर स्कूल नहीं पहुंच सके।
रविवार देर रात से क्षेत्र में मूसलाधार बारिश से सड़कें जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो गई। लैंसडौन-फतेहपुर मार्ग पर जदला मोड़ पर और डेरियाखाल-रिखणीखाल मार्ग पर ढाबखाल के पास भूस्खलन से सड़क पर भारी मात्रा में मलबा और बोल्डर आ गए।
नरई संपर्क मार्ग के खुलने के आसार नहीं
लोनिवि दुगड्डा के अंतर्गत घाड़ क्षेत्र में बना नरई संपर्क बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। सड़क का करीब सात मीटर का पैच धंस गया है। जिसके लिए भारीभरकम बजट की दरकार है। यहां पूरी सड़क नए सिरे से बनाने की जरूरत होगी। ईई राजेश चंद्रा ने बताया कि सड़क की हालत के बारे में जिला प्रशासन और उच्चाधिकारियों को अवगत करा दिया गया है।
बंद पड़ी सड़कें
पुल्यासू-कफोलगांव मार्ग
विरमोली-सुराड़ी मोटर मार्ग
खैरासैण संपर्क मार्ग
मथगांव संपर्क मार्ग
पौखाल-भंवासी-मांडलू-ग्वील मार्ग
मूसलाधार बारिश से जन-जीवन ठप
वहीं कोटद्वार शहर, भाबर और सनेह क्षेत्र में हुई मूसलाधार बारिश से जन-जीवन ठप हो गया। लोगों को जलभराव और नदी, स्रोतों में आए उफान के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ा।
दो दिनों से चल रही हल्की बूंदा बांदी के बाद सोमवार तड़के अचानक क्षेत्र में मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। करीब आठ घंटे तक चली मूसलाधार बारिश के कारण कोटद्वार और निकटवर्ती क्षेत्रों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। दोपहर के बाद बारिश बंद होने से लोगों ने चैन की सांस ली।
सड़कें हुई लाबालब
शहर के बदरीनाथ मार्ग, झंडाचौक, स्टेशन रोड, देवी रोड और काशीरामपुर तल्ला में सड़कें बरसाती पानी से लबालब हो गई। बदरीनाथ रोड, झंडाचौक और स्टेशन रोड और काशीरामपुर तल्ला में पानी के तेज बहाव के कारण लोग सड़क पार तक नहीं कर पाए।