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सावधान! इन दो दिनों चारधाम यात्रा पर जाना होगा खतरनाक

Sun, 05 Jul 2015 09:29 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 05 Jul 2015 09:29 AM IST
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heavy rain alert in uttarakhand.

प्रदेश में रविवार से बारिश का सिलसिला फिर शुरू हो सकता है। मौसम विभाग ने चारधाम यात्रा मार्गों पर पांच व छह जुलाई को अपेक्षाकृत भारी और सात व आठ जुलाई को कुछ जगहों पर अपेक्षाकृत भारी बारिश की संभावना जताई है।

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मौसम विभाग के निदेशक आनंद शर्मा ने बताया कि प्रदेश में रविवार को अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पांच जुलाई की शाम से 48 घंटे तक कहीं-कहीं विशेषकर चमोली, बागेश्वर, नैनीताल व पिथौरागढ़ में अपेक्षाकृत भारी बारिश (40 से 80 मिमी) तक बारिश हो सकती है।
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चारधाम यात्रा मार्गों पर भी कई जगहों पर अपेक्षाकृत भारी बारिश की संभावना है। फिलहाल मौसम विभाग ने भूस्खलन के खतरे को भांपते हुए चारधाम यात्रियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
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बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री के अलावा श्री हेमकुंड साहिब में भी बारिश का असर देखने को मिलेगा। शनिवार को प्रदेश में कई जगह बारिश और कई जगहों पर धूप रही। कई जगह दिन में उमस से भी लोग परेशान नजर आए।

बारिश की चेतावनी पर विद्युत गृहों में अलर्ट

heavy rain alert in uttarakhand.

मौसम विभाग की चेतावनी पर उत्तराखंड जल विद्युत निगम लिमिटेड (यूजेवीएनएल) ने अपने जलविद्युत गृहों में अलर्ट जारी कर दिया है। विद्युत गृहों के क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि क्षमता से अधिक सिल्ट बढ़ते ही टरबाइनों को रोक दिया जाए।

यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने बताया कि अत्यधिक बारिश से नदियों का जलस्तर बढ़ जाएगा। नदियों में पेड़, सिल्ट आने से विद्युत गृहों की टरबाइनों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में परियोजना अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि निर्धारित मात्रा से ज्यादा सिल्ट आने पर टरबाइनों को चालू न रखा जाए।

नदियों के किनारे न जाएं
यूजेवीएनएल ने लोगों को नदियों के किनारे नहीं जाने को भी कहा है। अत्यधिक बारिश से परियोजना की झीलों में भी जलस्तर बढ़ेगा। परियोजना और आसपास के क्षेत्रों को बचाने के लिए झील से अतिरिक्त पानी छोड़ा जाएगा। खासतौर से मनेरी भाली-प्रथम जल विद्युत परियोजना (तिलोथ) से 70 क्यूसेक अतिरिक्त पानी भागीरथी नदी में छोड़ा जाएगा। ऐसे में भागीरथी और अन्य नदियों में जलस्तर बढ़ेगा।

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