उत्तराखंड में गड़बड़ाई सेहत की गाड़ी
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जब दून अस्पताल में शनिवार को मुख्यमंत्री हरीश रावत चिकित्सा सेवाओं को 24 घंटे संचालित करनी की बात कर रहे थे, उस समय प्रदेश में कई स्थानों पर डीजल नहीं मिलने से 108 आपात सेवा की एक चौथाई एंबुलेंस के साथ ही खुशियों की सवारी के पहिये थम चुके थे।
यही नहीं गर्भवती महिलाओं के लिए संचालित खुशियों की सवारी भी बिना ईंधन के कई स्थानों ठप पड़ी थी। बताया जा रहा है कि पेट्रोल पंपों का भुगतान 108 आपात सेवा संचालन करने वाली कंपनी जीवीके ईएमआरआई की ओर से नहीं होने के कारण अब एंबुलेंस को ईंधन नहीं मिल रहा है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवा सुधारने के दावों पर सवाल उठने लगा है।
स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को लेकर एक वर्ष से सरकार के स्तर पर लापरवाही बरती जा रही है। हाल यह है कि दो माह बाद ही दूसरी बार आपात एंबुलेंस सेवा 108 कई स्थानों पर ठप पड़ गई। पूरे प्रदेश में 39 एंबुलेंस के साथ ही 21 खुशियों की सवारियों के पहिये भी थम गए हैं।
एक जनवरी से इन वाहनों का संचालन नहीं हो रहा है। सेवाएं संचालित कर रही कंपनी को जल्द बजट मुहैया न हुआ तो आने वाले दिनों में कई और एंबुलेंस के पहिये थम जाएंगे। जीवीके ईएमआरआई के स्टेट हेड मनीष टिंकू का कहना है कि जरूरत पड़ने पर दूसरे ब्लाकों से एंबुलेंस की सेवाएं ली जा रही हैं।
108 आपात सेवा की एंबुलेंस और खुशियों की सवारी के वाहनों के बंद होने की जानकारी नहीं है। सेवाएं संचालित कर रही कंपनी के भुगतान में कुछ देरी जरूर हुई है, लेकिन इससे सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी जाएगी। अगर ऐसा कहीं है तुरंत प्रभाव से उसे दुरुस्त कर लिया जाएगा।
- नीरज खैरवाल, मिशन निदेशक एनएचएम
प्रदेश में 108 सेवा की 139 एंबुलेंस
उत्तराखंड में 108 सेवा संचालित करने वाली कंपनी जीवीके (ईएमआरआई) 139 एंबुलेंस संचालित कर रहा है। वाहनों के संचालन के लिए कंपनी वार्षिक 20 करोड़ रुपए का बजट सरकार मुहैया करवाती है, जिसे त्रैमासिक किस्तों में जारी किया जाता है।
कंपनी इन गाड़ियों में पंप संचालकों से उधार में डीजल भरवाती है। चौथी किस्त जारी करने में हुई देरी से यह समस्या पैदा हुई है।
जहां खड़ी है 108 की एंबुलेंस
जनपद - एंबुलेंस
देहरादून - 7
चमोली - 2
नैनीताल - 6
पौड़ी - 2
रुद्रप्रयाग - 2
टिहरी - 9
ऊधमसिंह नगर - 7
उत्तरकाशी - 4
खुशियों की सवारी
अल्मोड़ा - 2
चमोली - 2
चंपावत - 2
देहरादून - 3
पौड़ी - 1
पिथौरागढ़ - 4
टिहरी - 4
उत्तरकाशी - 2
रुद्रप्रयाग - 1
कुमाऊं में 13 एंबुलेंस खड़ी
नैनीताल जिले में भी छह 108 एंबुलेंस डीजल के अभाव में खड़ी हो गई हैं। कालाढूंगी, लालकुआं, भीमताल और काठगोदाम में दो जनवरी से तो हल्द्वानी और गरमपानी की एंबुलेंस एक जनवरी से खड़ी हैं।
ऊधमसिंह नगर जिले में सभी सात एंबुलेंस खड़ी हो गई हैं। अल्मोड़ा के सीएमओ केसी भट्ट ने बताया कि जिले में सभी 11 एंबुलेंस चल रही हैं। बागेश्वर में भी चारों एंबुलेंस चल रही हैं। पिथौरागढ़, चंपावत की 108 सेवा भी सुचारु है।
गढ़वाल में भी पहिये थमे
रुद्रप्रयाग जिले में 108 की चार एंबुलेंस हैं। इनमें अगस्त्यमुनि और गुप्तकाशी की एंबुलेंस तकनीकी खराबी के कारण खड़ी है। रुद्रप्रयाग और जखोली की दोनों एंबुलेंस विधिवत संचालित हो रही है। 108 सेवा के राज्य प्रभारी मनीष टिंकू ने बताया कि खराब हुई दोनों एंबुलेंस को ठीक कराया जा रहा है।
एक-दो दिन में सेवा शुरू हो जाएगी। वहीं श्रीनगर में डीजल नहीं होने से आपातकालीन सेवा 108 शनिवार को खड़ी हो गई, जबकि कीर्तिनगर में भी डीजल नहीं मिलने से शुक्रवार को ही सेवा बंद हो गई थी।