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बदलते मौसम से सेब की फसल पर खतरा
अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Fri, 24 Jan 2014 08:08 PM IST
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उपला टकनौर क्षेत्र में मौसम का बदलता मिजाज सेब काश्तकारों के लिए चिंता का सबब बना हुआ है। बर्फबारी के सीजन में यहां बारिश हो रही है।
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इन दिनों पारा शून्य के आसपास रहता था लेकिन यहां तापमान आठ डिग्री सेल्सियस पार कर रहा है। ऐसे में सेब के पेड़ों को पूरी नमी न मिलने से फसल चौपट होने का खतरा मंडराने लगा है।
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पिछले साल भी हुआ था घाटा
सेब उत्पादन में अग्रणी उपला टकनौर क्षेत्र के ग्रामीणों की आजीविका सेब पर और सेब की फसल मौसम पर टिकी है। पिछले साल मौसम ने साथ दिया और फसल अच्छी हुई, लेकिन आपदा में सड़कें बंद होने से सारा सेब बागीचों में ही सड़ गया।
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इस बार मौसम के बदलते मिजाज ने सेब काश्तकारों की परेशानी पर बल डाल दिए हैं। बीते सालों तक इन दिनों पूरा उपला टकनौर क्षेत्र बर्फ से लकदक रहता था, लेकिन इस बार यहां अभी तक अपेक्षित बर्फबारी नहीं हुई।
बारिश की वजह से तापमान सामान्य से ज्यादा है। दिन में हर्षिल में पारा 8 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा है।
बारिश से मौसम गर्म
दिसंबर के बाद से क्षेत्र में तीन बार बर्फबारी हो चुकी है, लेकिन जमीन पर कहीं बर्फ नजर नहीं दिख रही है। शनिवार को पड़ी बर्फ बुधवार को हुई बारिश में धुल गई।
अपेक्षित बर्फबारी न होने और तापमान ज्यादा होने से सेब के पेड़ों के लिए पर्याप्त नमी की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही है।
इनका है कहना
दिसंबर और जनवरी में गिरने वाली बर्फ ही लंबे समय तक टिकती है। फरवरी में पड़ने वाली बर्फ फायदा कम नुकसान ज्यादा पहुंचाती है। इस बार अभी तक हर्षिल क्षेत्र में अपेक्षित बर्फबारी नहीं हुई है।
-डा. नागेंद्र सिंह रावत, सेब काश्तकार, हर्षिल।