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जनता के बीच देरी से पहुंचे उत्तराखंड के नए निजाम

Mon, 03 Feb 2014 03:54 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Mon, 03 Feb 2014 03:54 PM IST
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harish rawat visit kedar ghati

सोमवार को उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री हरीश रावत चमोली के थराली क्षेत्र में निर्धारित समय से पौने तीन घंटे लेट पहुंचे। इस दौरान उन्होंने आपदा से व्यापक रूप से प्रभावित थराली बाजार का निरीक्षण किया।

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रावत की राह देखते रहे
इससे पहले सीएम के इंतजार में गौचर हवाई पट्टी पर एकत्र कांग्रेस कार्यकर्ताओं को निराशा हाथ लगी। स्थानीय लोग और कांग्रेस कार्यकर्ता काफी देर तक हरीश रावत की राह देखते रहे।
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मुख्यमंत्री हरीश रावत चमोली के थराली पहुंचे। जहां उन्होंने जनता को संबोधित किया। अब वह पिपलकोटी के लिए रवाना हो चुके हैं।

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नए मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह दिखा। अपने दौरे में मुख्यमंत्री विस्थापन, मुआवजा और भूस्खलन क्षेत्रों के ट्रीटमेंट पर प्रभावितों की समस्याओं से रूबरू होंगे।

उत्तराखंड के नए मुख्यमंत्री हरीश रावत का पहला टारगेट है मिशन केदार घाटी। 16-17 जून की आपदा में तबाह केदार घाटी साढ़े सात माह बाद भी त्रासदी से उबरने की बाट जोह रही है।

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ऐसे में रावत ने सूबे की कमान संभालते ही इस मुहिम पर मोर्चा संभाल लिया है। सोमवार को दौरे पर निकल रहे मुख्यमंत्री वहां के हालात की पड़ताल करेंगे साथ में आपदा प्रभावितों का दुख-दर्द जानेंगे। ऐन कैबिनेट के पहले उनका दौरा सरकार के कामकाज की दिशा भी तय करेगा।

दो माह पहले किया था केदारघाटी का दौरा
रविवार शाम मुख्यमंत्री हरीश रावत दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली में ज्यादा वक्त गुजारना रावत को मुनासिब नहीं लगा लिहाजा देर शाम मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से उनका कार्यक्रम जारी हो गया।

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यह वही केदारघाटी है जिसका दौरा करीब दो माह पहले रावत ने किया था। उस समय मुख्यमंत्री का ताज विजय बहुगुणा के सर पर सजा हुआ था और रावत केंद्रीय मंत्री थे।

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रावत ने उस समय केदारधाम के पुनर्निर्माण को प्राथमिकता देने, सड़कों के काम में तेजी लाने, पुनर्वास के काम को अमली जामा पहनाने की बात की थी।

अब खुद देंगे इनकी जवाबदेही

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अब रावत मुख्यमंत्री हैं और इन सब कामों की जवाबदेही भी उनकी है। मुख्यमंत्री का ताज संभालते ही रावत ने आपदा प्रभावित क्षेत्रों की समस्याओं के समाधान को पहली प्राथमिकता करार दिया था।

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रविवार को देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में हुई प्रेस वार्ता में भी रावत ने इसी पर जोर दिया और कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा कर वे इस बात का भी आकलन करेंगे कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों की जरूरत क्या है।

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किस तरह से और कितना काम किया जाए। एक बार अंदाजा लगने के बाद पांच को हो रही कैबिनेट में फैसला कर काम शुरू कर दिया जाएगा।

...ऐन वक्त पर रुक गए थे बहुगुणा

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नेतृत्व परिवर्तन की गहमा गहमी के बीच एन वक्त पर पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने आपदा प्रभावित इलाकों का पूर्व घोषित कार्यक्रम रद्द कर दिया था। पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा भी प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने की तैयारी कर रहे थे।

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बहुगुणा ने बाकायदा कार्यक्रम भी तय कर लिया था पर अंतिम क्षणों में यह कार्यक्रम रद्द कर दिया गया। इससे पहले भी बहुगुणा आपदा प्रभावित क्षेत्रों के लिए निकल नहीं पाए थे।

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खासकर पुनर्निर्माण का एजेंडा सामने आने के बाद बहुगुणा के लिए आपदा प्रभावित क्षेत्रों की ओर रुख करना मुश्किल रहा।

इन हालातों से निपटना होगा
- टेंटों में रह रहे लोगों का पुनर्वास
- केदारधाम के लिए वैकल्पिक मार्ग
- तबाह सड़कों की मरम्मत

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- बाढ़ नियंत्रण का काम
- होटल-ढाबों व पर्यटन व्यवसाय को पटरी पर लाना

इनको कैसे मनाएंगे सीएम साहब

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प्रदेश के नए मुखिया हरीश रावत के सामने कर्मचारियों, शिक्षकों और हजारों बेरोजगार प्रदर्शनकारियों को मनाने की भी चुनौती होगी। इनमें से कई संगठन तो प्रदर्शन कर रहे हैं और कई मैदान में कूदने वाले हैं।

- जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों का सोमवार को सीएम आवास कूच।
- इन दिनों धरना-प्रदर्शन कर रहे संग्रह अमीन करेंगे सचिवालय कूच।

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- डिप्लोमा फार्मासिस्ट घेरेंगे सचिवालय, कहा-आंदोलन तेज करेंगे।
- पटवारी हड़ताल पर, लेखपाल भी करेंगे तीन दिन कार्य बहिष्कार।
- बीपीएड प्रशिक्षित बेरोजगारों का आमरण अनशन, स्वास्थ्य बिगड़ा।

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- शिक्षा आचार्य भी बैठे हैं धरने पर, उग्र आंदोलन की दी चेतावनी।
- बीटीसी प्रशिक्षितों ने दी आंदोलन को और तेज करने की धमकी।
- एक महीने से धरना दे रहे हैं बीएड टीईटी प्रशिक्षित बेरोजगार।

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- एड्स कंट्रोल इंप्लाइज एसोसिएशन अनिश्चिकालीन हड़ताल पर।
- वेतनमान संबंधी मांग पूरी नहीं हुईं, नर्सें जल्द बनाएंगी रणनीति।
- राज्य कर्मचारियों ने भी फिर दिखाए तेवर, आंदोलन को चेताया।

पहले दिन घर-घर गए मुख्यमंत्री

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उत्तराखंड की कमान संभालने के पहले दिन से ही मुख्यमंत्री हरीश रावत घर संवारने की कोशिश में जुट गए। रविवार को उन्होंने कई घरों में दस्तक दी। सहयोग मांगा, मनाया।

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उन्होंने नाराज निर्दलीय विधायक दिनेश धनै से बात की तो धनै ने भी यू टर्न ले लिया। कहा, कोई नाराजगी नहीं है। कांग्रेस को समर्थन जारी रहेगा। रावत ने राज्यपाल अजीज कुरैशी से शिष्टाचार भेंट की। विकास के संदर्भ में जानकारी दी।

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इस दौरान कुरैशी की माता जी से भी आशीर्वाद लिया। भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री भुवन चंद्र खंडूड़ी से भी उनके आवास पर मुलाकात की। करीब 15 मिनट की मुलाकात में खंडूड़ी से विकास के लिए सहयोग मांगा। इससे पूर्व रावत ने स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल से मुलाकात की।

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मुख्यमंत्री कैबिनेट मंत्री यशपाल आर्य के आवास पर भी पहुंचे। आर्य से कुछ देर बात की। यहां से निकलते ही हरीश रावत शिक्षा और पेयजल मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी के आवास पर पहुंचे।

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रावत निर्दलीय विधायक दिनेश धनै से मिलने पहुंचे। इसके अलावा रावत बसपा विधायक सरबत करीम अंसारी से मिलने भी उनके आवास पर गए।

संधू ही रहेंगे मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव

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नए मुख्यमंत्री हरीश रावत ने वरिष्ठ नौकरशाह सुखबीर सिंह संधू पर ही भरोसा जताया। उन्होंने संधू को ही अपना प्रमुख सचिव बनाए रखने का निर्णय लिया है। केंद्रीय मंत्री के रूप में हरीश के पीएस रहे आईएएस मोहम्मद शाहिद भी प्रतिनियुक्ति पर उत्तराखंड आ सकते है।

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मुख्य सचिव बदले जाने को लेकर भी अटकलों का बाजार गर्म है। विजय बहुगुणा के बाद अब मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सीएम सचिवालय की कमान सुखबीर सिंह संधू को ही सौंपी है।

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रविवार की सुबह आला अफसरों की बैठक में सीएम ने अपने प्रमुख सचिव के लिए संधू का नाम ही फाइनल किया है। पिछले सात साल से वह लगातार मुख्यमंत्री सचिवालय में ही तैनात है।

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संधू इससे पहले बहुगुणा के प्रमुख सचिव व बीसी खंडूड़ी के सचिव रहने के साथ ही पांच साल पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल के भी सचिव रहे हैं। गुजरात कैडर के 1997 बैच के आईएएस मोहम्मद शाहिद के भी प्रतिनियुक्ति पर आने की चर्चा है।

खाने को नहीं है साहब...

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‘साहब हमारे खाने के लिए कुछ नहीं है। इंतजाम कर दीजिये।’ मलिन बस्ती श्रीदेव सुमननगर की निर्धन और विकलांग महिला दिंगबरी देवी ने जब अपने सामने मुख्यमंत्री हरीश रावत को खड़े देखा तो गुहार लगा दी। मुख्यमंत्री ने फौरन डीएम को महिला के खाने-पीने, बीपीएल कार्ड बनवाने का आदेश दिया।

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मुख्यमंत्री को बताया गया कि शासन की योजनाओं के बावजूद पात्र परिवारों को कुछ नहीं मिल पाता। सीएम ने डीएम को निर्देश दिए कि देहरादून में अभावों से जूझ रहे परिवारों को चिह्नित करें। सीएम ने पहले गांधीनगर की दरगाह पर हाजिरी लगाई। फिर बस्ती के लोगों से मिले। लोगों ने उन्हें अपनी दिक्कतें बताईं।

पढ़ें, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के आगे 'नतमस्तक' हुई कांग्रेस

उधर, कांग्रेस भवन में मीडियाकर्मियों से रू-ब-रू होने के बाद वे घंटाघर जाकर पर्वतीय गांधी कहे जाने वाले इंद्रमणि बड़ोनी की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। अंबेडकर की प्रतिमा पर भी फूल चढ़ाए। इस दौरान वे लोगों को बताते रहे कि उन्हें सबका समर्थन है और वे सबके साथ हैं।

पढ़ें, हरीश रावत के जन्म के लिए माता-पिता ने किया था तप

इसी क्रम में मुख्यमंत्री मलिन बस्ती श्रीदेव सुमननगर पहुंचे थे। यहां महानगर कांग्रेस उपाध्यक्ष दीप वोरा ने वार्ड 59 की जनता की तरफ से उन्हें बुके भेंट किया।

पढ़ें, पहले ‌ही दिन उत्तराखंड के सीएम ने जताई अपनी 'मंशा'

इस दौरान मंत्री दिनेश अग्रवाल उनके साथ रहे। पूर्व विधायक रंजीत रावत, राजीव जैन, प्रयाग भट्ट, कमलेश रावत और रामकुमार वालिया मौजूद रहे।

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