फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   harish rawat son anand rawat active on congress rebel mla seat

हरीश रावत के खिलाफ चल रहे ‘ऑपरेशन बागी’ को फ्लॉप करने आए छोटे नवाब

Thu, 24 Nov 2016 03:01 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 24 Nov 2016 03:01 PM IST
विज्ञापन
harish rawat son anand rawat active on congress rebel mla seat
कांग्रेस महासचिव आनंद रावत - फोटो : AmarUjala

उत्तराखंड सरकार को संकट में डालने वाले बागियों को हराने का जो दम सीएम हरीश रावत ने भरा है उसे सियासी हकीकत में तब्दील करने के लिए बेटे आनंद ने सियासी मोर्चाबंदी शुरू कर दी है।

विज्ञापन


‘ऑपरेशन बागी’ के तहत कांग्रेस ने पहली सर्जिकल स्ट्राइक कुमाऊं की चार सीटों जसपुर, सितारगंज, सोमेश्वर और रामनगर में की है। सरकार और संगठन को चेहरा बनाकर पर्दे के पीछे आनंद रावत ही सियासी व्यूह रच रहे हैं। वोट बैंक खिसकाने के लिए सरकारी योजनाओं का सहारा लिया जा रहा है। भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के कैंप लगाकर साइकिल, टूल किट से लेकर छात्रवृत्तियां बांटी जा रही हैं।
विज्ञापन


सीएम हरीश रावत ने उनकी सरकार से बगावत करने वाले सितारगंज विधायक पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा, जसपुर विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल, रामनगर विधायक अमृता रावत, सोमेश्वर विधायक रेखा आर्य, रुद्रप्रयाग विधायक हरक सिंह, खानपुर विधायक कुंवर प्रणव, रुड़की विधायक प्रदीप बतरा, केदारनाथ विधायक शैला रानी रावत, रायपुर विधायक उमेश शर्मा काऊ, नरेंद्र नगर विधायक सुबोध उनियाल को हर हाल में हराने की घोषणा की थी। सीएम की सियासी टीम ने पहले इन सीटों के वोट बैंक समीकरण पर होमवर्क किया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रणनीति तैयार कर आनंद ने काम किया शुरू

harish rawat son anand rawat active on congress rebel mla seat
बागी नेता - फोटो : AmarUjala

अब सीएम के पुत्र आनंद रावत ने इसके लिए रणनीति तैयार कर काम भी शुरू कर दिया है। दस विधानसभा क्षेत्रों से मैदानी समीकरणों वाली सात सीटें हैं जबकि पहाड़ की तीन सीटें हैं। मैदानी विधानसभा क्षेत्रों में गरीब तबके और श्रमिक वोट बैंक की खासी तादाद के लिए भवन व अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड का सहारा लिया जा रहा है। सरकार अकेले जसपुर में बोर्ड के चार कैंप लगाकर कई साइकिल और टूल किट बांट चुकी है।

एक कैंप के दौरान तो पूर्व विधायक शैलेंद्र मोहन सिंघल और आनंद रावत के आमने-सामने होने की चर्चा भी रही। सितारगंज में भी सरकार लगातार कैंप लगा रही है, जिसका प्रचार भी सरकार जोर-शोर से कर रही है। साइकिलों की जमकर खरीद हो रही है। सूत्रों की माने तो बोर्ड के पास इस योजना के लिए लगभग 250 करोड़ का बजट है जिसमें अभी 54 करोड़ खर्च हुए हैं। वोट बैंक में सेंधमारी के साथ बतौर प्रत्याशी भाजपा के बागियों और नए चेहरों की तलाश हो रही है।

बड़ा वोट बैंक आता है योजना के तहत
श्रमिकों को लुभाने के लिए बोर्ड के पास कई ऐसी योजनाएं हैं, जिनपर कांग्रेस निर्भर कर रही है। दो बच्चों को पढ़ाई के लिए छात्रवृति बांटने के साथ दो बेटियों के विवाह के लिए 51-51 हजार रुपये बांटे जा रहे हैं। इतना ही नहीं सीएम इस बात का वादा भी कर चुके हैं कि कांग्रेस के चुनाव जीतने पर इस योजना के तहत श्रमिकों को शौचालय बनाने के लिए बीस हजार और भवन निर्माण तक के लिए वित्तीय मदद का प्रावधान किया जाएगा।

पहाड़ में तीर्थाटन का चलेगी कार्ड
पहाड़ी सीटों सोमेश्वर और केदारनाथ पर सरकार अपनी तीर्थाटन की योजनाओं को भुनाने का प्लान कर रही है। केदारनाथ और सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र में मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना के तहत कई लाभार्थियों को ले जाया गया है। सोमेश्वर में तीर्थाटन का अलग प्लान भी सीएम घोषित कर चुके हैं। वहीं केदारनाथ में पुनर्निर्माण के साथ स्थानीय पुरोहितों के लिए कल्याण योजनाओं का सहारा लिया जा रहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed