फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Harish Rawat raised questions on the decision of state government not to hold budget session in Gairsain Bharadisain assembly

Harish Rawat: 14 जून को राजधानी में होगा विधानसभा सत्र, 'हरदा' बोले- गैरसैंण जाकर मांगूंगा माफी

Fri, 10 Jun 2022 02:16 PM IST
रेनू सकलानी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 10 Jun 2022 02:16 PM IST
सार

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि आज जिस तरीके से भराड़ीसैंण याचक के तौर पर वरमाला लिए अपने मान्यवरों के स्वागत के लिए एकटक निहार रहा है और उसकी माला स्वीकार करने के लिए न सरकार तैयार है, न मान्यवर। ऐसी स्थिति में मेरे जैसे व्यक्ति के लिए राज्य की जनता से क्षमा मांगने के अतिरिक्त और कुछ करना शेष नहीं है।

विज्ञापन
Harish Rawat raised questions on the decision of state government not to hold budget session in Gairsain Bharadisain assembly
हरीश रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

गैरसैंण भराड़ीसैंण विधानसभा में बजट सत्र नहीं करने का प्रदेश सरकार का फैसला पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को बेहद नागवार गुजरा है। उन्होंने सवाल उठाया है कि चारधाम यात्रा तो हर साल होगी क्या भराड़ीसैंण में कभी बजट सत्र नहीं होगा? उन्होंने प्रदेश सरकार और माननीयों पर भी तंज किया कि गैरसैंण नहीं जाने के बहाने खोजे जा रहे हैं।
विज्ञापन


बकौल रावत, उनके शासनकाल में भराड़ीसैंण में 1000 करोड़ रुपये खर्च हुआ, लेकिन वहां जाने के लिए कोई तैयार नहीं है। इसलिए उन्होंने तय किया है कि 14 जून को जब देहरादून विधानसभा में बजट सत्र हो रहा होगा, वह क्षमायाचना के लिए गैरसैंण में होंगे।
विज्ञापन


गैरसैंण के प्रति उपेक्षा का यह दर्द रावत ने अपने फेसबुक पेज पर बयान जारी कर किया है। उन्होंने लिखा, गैरसैंण-भराड़ीसैण शब्दों की हम कितनी ही चासनी परोसें, मगर जब भी कोई बहाना मिला है, जिससे गैरसैंण-भराड़ीसैंण से बचा जा सके, बड़े लोग बचे हैं। इस बार बहाना चारधाम यात्रा है। यात्रा हर वर्ष होगी और चारधाम यात्रा में चुनौतियां भी आएंगी तो इसका अर्थ है कि भराड़ीसैंण में कभी बजट सत्र होगा ही नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन

जनता से क्षमा मांगने के अतिरिक्त और कुछ करना शेष नहीं है: हरीश रावत

बजट सत्र ही क्यों, कभी बरसात होगी, कभी ठंड होगी, तो भराड़ीसैंण का विधानसभा भवन केवल एक स्तूप के तरीके से हम सब लोगों के कृतित्व का साक्षी बनता रहेगा। मैंने तय किया है कि 14 को जब देहरादून में विधानसभा शुरू होगी तो मैं भराड़ीसैंण में जाकर विधान भवन से सारे उत्तराखंड के लोगों को प्रणाम करूंगा।

उन्होंने कहा कि आज जिस तरीके से भराड़ीसैंण याचक के तौर पर वरमाला लिए अपने मान्यवरों के स्वागत के लिए एकटक निहार रहा है और उसकी माला स्वीकार करने के लिए न सरकार तैयार है, न मान्यवर। ऐसी स्थिति में मेरे जैसे व्यक्ति के लिए राज्य की जनता से क्षमा मांगने के अतिरिक्त और कुछ करना शेष नहीं है।

ये भी पढ़ें...Ganga Dussehra 2022: हरकी पैड़ी सहित प्रमुख घाटों पर उमड़ी भीड़, 26 लाख श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी  

उन्होंने सवाल किया कि ग्रीष्मकालीन राजधानी और 25 हजार करोड़ रुपये के पैकेज की घोषणा करने वाले त्रिवेंद्र सिंह रावत, भराड़ीसैंण विधानसभा भवन के विचार के जनक सतपाल महाराज, गैरसैंण में प्रथम कैबिनेट मीटिंग आहूत करने वाले विजय बहुगुणा और निरंतर गैरसैंण-भराड़ीसैंण की जागर लगाने वाले पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल सहित कई लोगों से समय जरूर पूछेगा कि ऐसे समय में जब भराड़ीसैंण की उपेक्षा के लिए बहाना ढूंढा जा रहा है तो आप कहां पर खड़े हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed