कांग्रेसी सीएम ने की भाजपा शासित राज्यों की तारीफ
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पहाड़ में नौकरी के लिए दुर्गम भत्ते की मांग पर शिक्षकों को आईना दिखाने के बाद मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को कृषि विभाग को भी खरी-खरी सुनाई।
इस दौरान वह भाजपा शासिल राज्यों की तारीफ करने से भी नहीं चूके। रिंग रोड पर राज्य के पहले किसान भवन ‘शिरोमणि माधव सिंह भंडारी भवन’ का उद्घाटन करते हुए सीएम ने अफसरों से पूछा कि बताइए कृषि में हमारी उपलब्धि क्या है? इस सवाल का जवाब खुद सीएम ने दिया।
कहा कि हम पिछड़े राज्यों से भी पिछड़े हैं। उत्तराखंड के साथ बने राज्य कृषि के मामले में आगे निकल चुके हैं, लेकिन हमारे पास बताने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों तक का उदाहरण दिया और अधिकारियों को मिशन के तौर पर कार्य करने की नसीहत दी।
हालांकि सीएम ने कृषि मंत्री डॉ. हरक सिंह रावत की तारीफ करते हुए कहा कि वे बेहतर कार्य कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कृषि विभाग के अधिकारियों को सच्चाई से रू-ब-रू कराने के लिए कई राज्यों का उदाहरण दिया।
10 जिलों में कृषि क्षेत्र की रफ्तार बेहद सुस्त
सीएम ने कहा कि उत्तराखंड के साथ अलग राज्य बना छत्तीसगढ़ चावल की खेती में बेहतर कार्य कर रहा है। कृषि में पिछड़ा मध्यप्रदेश भी चावल उत्पादन में नंबर वन हो चुका है।
सीएम ने अधिकारियों से पूछा कि हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पास सेब है, हमारे पास क्या है? हमसे पिछड़े नार्थ ईस्ट ने भी एक-दो फलों का पेटेंट करा लिया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नैनीताल, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार में जरूर कुछ काम हुआ है, लेकिन बाकी 10 जिलों में कृषि क्षेत्र की रफ्तार सुस्त है। बताया कि रानीखेत के पास एक गांव के किसान कुमाऊं रेजीमेंट के लिए बेहतरीन क्वालिटी की सब्जियां उगाते हैं।
किसान ऐसा कर सकते हैं तो हमारे वैज्ञानिक क्या कर रहे हैं? कहा कि मार्केटिंग के क्षेत्र में भी हम फेल हैं। सीएम ने मंडी परिषद के पदाधिकारियों को भी झकझोरा।
माफ नहीं करेगा इतिहास
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) बेहतर है, लेकिन गरीबी और अमीरी के बीच खाई बढ़ रही है। जल्द ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इतिहास हमें माफ नहीं करेगा।
जल संचय पर मिलेगा बोनस
मुख्यमंत्री ने कहा कि गांव में जल संचय करने वालों को सरकार बोनस देगी। इसके लिए सरकार योजना बना रही है। कहा कि हमारे पास पर्याप्प्त पानी है, लेकिन हम इसे बर्बाद कर रहे हैं। हमें इसे रोकना होगा।
12 करोड़ का किसान भवन
12 करोड़ की लागत से बने किसान भवन में कृषि अनुसांधन के साथ ही किसानों के ठहरने की भी व्यवस्था है। उद्घाटन समारोह में कृषि मंत्री डा. हरक सिंह रावत ने कहा कि ग्राम पंचायतों में वर्ग तीन और दो के कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।
जल्द ही वर्ग दो के कर्मचारियों की तैनाती होगी। कहा कि कृषि क्षेत्र में आर्गेनिक सर्टिफिकेट के क्षेत्र में हमने बेहतर किया है। इस अवसर पर पूर्व मंत्री तिलक राज बेहड़, विधायक उमेश शर्मा (काऊ) आदि भी मौजूद रहे।