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स्टिंग टेप पर सीबीआई के सवालों में उलझे सीएम रावत

Tue, 24 May 2016 10:34 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 24 May 2016 10:34 PM IST
सार

  • पत्रकार उमेश कुमार से बातचीत में विधायक को मालदार विभाग देने के वादे के सवाल पर अटके रावत
  • जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पर रावत और उमेश कुमार अलग-अलग चार्टर्ड विमान से बातचीत के लिए पहुंचे थे
  • जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के कमरे में पहले से मोबाइल कैमरा लगा रखा था उमेश ने 

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Harish Rawat interrogated by cbi in sting case.
सीबीआई मुख्यालय पर हरीश रावत - फोटो : पीटीआई

विस्तार

उत्तराखंड में विधायकों की कथित खरीद-फरोख्त के स्टिंग टेप की जांच के सिलसिले में मुख्यमंत्री हरीश रावत को आखिरकार दिल्ली के सीबीआई मुख्यालय में पेश होना पड़ा। मंगलवार को सीबीआई की टीम ने रावत से स्टिंग ऑपरेशन टेप में उनकी मौजूदगी और इसके मकसद के संबंध में लंबी पूछताछ की।

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सीबीआई सूत्रों के मुताबिक रावत ने इस आरोप से इनकार किया है कि टेप में उनकी बागी विधायक और स्टिंग करने वाले कथित पत्रकार उमेश कुमार से बातचीत फ्लोर टेस्ट के लिए सौदेबाजी से संबंधित थी।
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मंगलवार को रावत दिन के 11 बजे अपने कुछ समर्थकों के साथ सीबीआई मुख्यालय पहुंचे। सूत्रों के मुताबिक रावत सीबीआई के उस सवाल पर अटक गए, जिसमें वह उमेश कुमार से बातचीत में बागी विधायकों को करोड़ों रुपये न देकर कोई मालदार विभाग देने पर राजी हो गए थे। रावत उमेश के  फोन से बागी विधायक हरक सिंह रावत से बातचीत कर उन्हें मनाने की कोशिश कर रहे थे। अब हरक सिंह इस प्रकरण से जुड़े नौ विधायकों के साथ भाजपा में शामिल हो चुके हैं।

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नहीं बता सके स्टिंग में मौजूदगी का असली मकसद

Harish Rawat interrogated by cbi in sting case.
सीबीआई मुख्यालय के बाहर हरीश रावत - फोटो : पीटीआई

सूत्रों ने बताया कि रावत देहरादून के जॉली ग्रांट हवाई अड्डे के कमरे में उमेश के साथ अपनी मौजूदगी के बारे में भी संतोषप्रद जवाब नहीं दे सके। स्टिंग वाले दिन उमेश कुमार और रावत अलग-अलग चार्टर्ड विमान से जॉली ग्रांट हवाई अड्डे पहुंचे।

कमरे में इस संबंध में बातचीत की और विमान से दोनों करीब लगभग कुछ देर के अंतराल पर चले गए। उस कमरे में उमेश ने पहले से उस कुर्सी के सामने मोबाइल कैमरा लगा रखा था जिसपर रावत बैठने वाले थे।

गौरतलब है कि 28 मार्च को फ्लोर टेस्ट से पहले भाजपा और बागी विधायकों ने यह टेप सार्वजनिक कर दी थी। लेकिन यह फ्लोर टेस्ट नहीं हुआ। बाद में राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया। सीबीआई उमेश से सघन पूछताछ कर चुकी है। अब सीबीआई हरक सिंह को भी पूछताछ के लिए बुला सकती है।

हाईकोर्ट से नहीं मिली थी रावत को राहत

Harish Rawat interrogated by cbi in sting case.
नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : PTI

सीबीआई ने 29 अप्रैल को दर्ज प्रिलिमनरी एनक्वायरी (पीई) के आधार पर 9 मई को रावत को पूछताछ के लिए मुख्यालय तलब किया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर 10 मई को फ्लोर टेस्ट के चलते वह दिल्ली नहीं आए।

फ्लोर टेस्ट में जीत हासिल होने के बाद रावत मुख्यमंत्री की कुर्सी पर वापस आ गए। वापस आते ही रावत ने इस जांच को खारिज करने के लिए अधिसूचना जारी कर दी। लेकिन सीबीआई ने कानूनी सलाह के आधार पर इस अधिसूचना के ठुकराते हुए रावत से जांच में शामिल होने को कहा।

उधर अदालत ने भी रावत को कोई राहत नहीं देते हुए सीबीआई की जांच जारी रखी और उन्हें जांच में सहयोग करने को कहा। अदालत ने सीबीआई से भी मुख्यमंत्री की गरिमा का ध्यान रखने की हिदायत दी।

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