पार्टी कलह को हंसी-ठिठोली कह रहे हैं रावत
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कहते हैं होली में दुश्मन भी गले मिल जाते हैं, लेकिन लोकसभा के लिए बिछी चुनावी बिसात में यह बेमतलब हो गया है। उत्तराखंड कांग्रेस के बड़े नेता एक दूसरे के खिलाफ बयानों की गोली दाग रहे हैं।
हालांकि मुख्यमंत्री हरीश रावत इसे होली की ठिठोली बता रहे हैं। कांग्रेस केंद्रीय नेतृत्व उत्तराखंड का एक भी उम्मीदवार अब तक घोषित नहीं कर सका है। होली के बाद फिर से नामों पर समीक्षा होनी है, उसके बाद ही उम्मीदवारों के नाम घोषित होंगे।
घमासान नहीं हुआ शांत
कांग्रेस में टिहरी और पौड़ी लोकसभा सीटों को लेकर चल रहा घमासान शांत नहीं हुआ है। नैनीताल सीट पर भी केसी बाबा के अलावा पूर्व सांसद महेन्द्र पाल का नाम भी उठ रहा है। जबकि अभी तक वर्तमान सांसद बाबा के नाम पर मुहर भर लगने की बात आ रही थी।
दिल्ली में इस्तीफा लिए घूम रहे महाराज
सतपाल महाराज दिल्ली में हैं और बताते हैं एक बार फिर उनके तेवर पार्टी को मुश्किल में डाले है। महाराज से जुड़े लोगों का कहना है कि उन्होंने इस्तीफे तक की पेशकश की है।
महाराज के निशाने पर एक बार फिर मुख्यमंत्री हरीश रावत हैं। उन्होंने सरकार के कामकाज पर सवाल खड़े किए हैं।
'होली में चलती है ठिठोली'
सतपाल महाराज के चुनाव न लड़ने और उनकी नाराजगी को मुख्यमंत्री हरीश रावत ने नया मोड़ दे दिया। उनका कहना है कि होली का माहौल है, इसमें ठिठोलियां तो चलती रहती हैं।
महाराज जी को लगता है कि विकास में कमी है तो वह पूरी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने दोहराया कि कांग्रेस उत्तराखंड की पांचों सीटें जीतेगी।
'सीएम या नेता किसी सांसद को नहीं जिताता'
पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने भी अप्रत्यक्ष रूप से हरीश रावत पर निशाना साधा है। दरअसल सतपाल महाराज ने अपनी उम्मीदवारी वापस लेने का कारण यह बताया कि हरीश रावत ने आलाकमान से तीन सीटें हरिद्वार, नैनीताल और अल्मोड़ा को जिताकर देने की बात कही है। ऐसे में पौड़ी और टिहरी सीट का क्या होगा।
इसी संदर्भ में विजय बहुगुणा का कहना है कि एक सीएम या कोई नेता किसी सांसद को नहीं जिताता उसकी छवि और संगठन से वह जिताता है।
विजय बहुगुणा ने अपनी उम्मीदवारी पर भी यू टर्न लेते हुए कहा कि अगर पार्टी टिहरी से चुनाव लड़ने का निर्देश देती है तो सोचेंगे।
इनका है कहना
होली का माहौल है। इस समय तो ठिठोलियां चलती रहती हैं। महाराज जी को अगर लगता है कि विकास में कमी है तो वह पूरी की जाएगी।
-मुख्यमंत्री हरीश रावत
कोई सीएम या नेता किसी को नहीं जिताता, उम्मीदवार की छवि और संगठन की ताकत से वह जीत हासिल करता है।
-पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा