पत्नी धर्म के साथ पार्टी धर्म भी निभाएं अमृता: हरीश
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सांसद सतपाल महाराज ने कांग्रेस छोड़ दी और पत्नी मंत्री अमृता रावत ने साफ कर दिया है कांग्रेस नहीं छोड़ेंगी। पति ने अपनी राजनीतिक राहें भले ही अलग कर ली हों लेकिन पत्नी उनके खिलाफ एक शब्द भी सुनने को तैयार नहीं हैं। अब पति-पत्नी के रिश्तों के बीच सीएम आ गए हैं।
मुख्यमंत्री हरीश रावत जो उन्हें पत्नी धर्म के साथ पार्टी धर्म निभाने की नसीहत दे रहे हैं।
अमृता को बताया विदुषी
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार को बयान देकर अपनी मंत्री को पत्नी धर्म के साथ पार्टी धर्म निभाने की बात कही। हालांकि मुख्यमंत्री उन्हें विदुषी बताया और यह भी कहा कि वह उन्हें नसीहत कतई नहीं दे रहे हैं।
सोमवार को बयानों की झड़ी लगाने वाली अमृता रावत मंगलवार को खामोश रहीं। आम तौर पर कैबिनेट की बैठक में गैरहाजिर रहने वाली अमृता रावत सबसे पहले पहुंचने वाली मंत्री थीं।
दोनों तरफ से चल रहे शब्दबाण
आपदा को लेकर सतपाल महाराज और हरीश रावत के बीच बयानों के तीर छोड़े जा रहे हैं। महाराज आपदा के बाद पुर्नवास और पुनर्निर्माण का मामला जोरशोर से उठा रहे हैं। तो मुख्यमंत्री खुलेआम कह रहे हैं महाराज आपदा के बाद इलाके में नहीं गए इसलिए पौड़ी से चुनाव नहीं लड़ना चाह रहे थे और पार्टी छोड़ दी।
अमृता रावत इस बात पर अड़ी हैं कि उनके पति और बेटे निजी तौर पर प्रभावित क्षेत्रों में लोगों के मददगार बने थे। मुख्यमंत्री उनके इस तर्क पर भी चुटकी लेते हुए कहते हैं कि एक पत्नी को अपने पति का बचाव करने का अधिकार है।
पढ़ें, देश भर में नमो-नमो करेंगे सतपाल महाराज
आपदा और चारधाम यात्रा को लेकर हुई कैबिनेट में अमृता रावत ने भी कुछ इलाकों की दिक्कतों का हवाला बैठक में दिया और मुख्यमंत्री ने उसे गंभीरता से लिया।