सातवां वेतन नहीं देगी रावत सरकार तो ‘नोटा’ दबाएंगे 40 हजार
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राज्य निगम अधिकारी कर्मचारी महांसघ ने उत्तराखंड की मुख्य निर्वाचन अधिकारी राधा रतूड़ी से मुलाकात कर उनसे सातवें वेतन की संस्तुतियों को लागू कराने में सहयोग की अपील की।
महासंघ ने मुख्य सचिव को सौंपे नोटिस में चेतावनी दी कि उनकी मांग पर हीलाहवाली की गई तो सार्वजनिक निगमों के 40 हजार कर्मचारी विरोध स्वरूप मतदान के दिन नोटा दबाएंगे।
सीईओ से मुलाकात के बाद महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रामचंद्र रतूड़ी के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने मुख्य सचिव से मुलाकात की। प्रेषित नोटिस में कहा गया कि 26 जनवरी तक उन्हें सातवें वेतन लाभ नहीं दिया तो उनके पास चुनाव में विरोध करने के सिवाय कोई चारा नहीं होगा।
नोटा दबाकर अपने विरोध का इजहार करेंगे
चिंता जाहिर की गई कि सरकार की सही मंशा होती तो वह सीधे निदेशक मंडल की संस्तुति की शर्त लगाती। लेकिन शासन ने सातवें वेतन का लाभ न देने की नीयत से प्रबंध निदेशक की संस्तुति के बाद प्रशासनिक विभाग व सार्वजनिक उद्यम ब्यूरो से स्वीकृति शर्त जोड़ दी, जिस महासंघ को सख्त एतराज है।
महासंघ के महासचिव वी.एस. रावत ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि शासन उनकी मांग पर कार्रवाई करेगा।
यदि मांग 26 जनवरी तक मांग पूरी नहीं हुई तो फिर 40 हजार कर्मचारी मतदान के दिन नोटा दबाकर अपने विरोध का इजहार करेंगे। उन्होंने बताया कि प्रतिनिधिमंडल में धीरज नेगी, ईश्वरपाल शर्मा, महन कपरवाण व दिनेश गुसाईं भी शामिल थे।