अजीब मोड़ पर आई हरीश रावत की ताजपोशी
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उच्च न्यायालय के आदेश के क्रम में फिर सत्तासीन हुए हरीश रावत की इस ताजपोशी की कहानी अजीब मोड़ पर है।
न्यायालय का निर्णय हुआ, लेकिन राजभवन ने इस आदेश के अनुपालन के क्रम में सार्वजनिक रूप से कोई आदेश जारी नहीं किया और वहीं स्वत: ही सरकार ने कामकाज करना शुरू कर दिया। संवैधानिक तरीका यही है कि जब किसी राज्य में सरकार का गठन होता है तो उसका विधिवत आदेश राजभवन जारी करता है।
उधर नैनीताल में उच्च न्यायालय ने आदेश किया और इधर देहरादून में सरकार ने स्वत: ही काम करना शुरू कर दिया। जब राष्ट्रपति शासन लागू हुआ था तब भी मंत्रिमंडलीय सचिव की तरफ से एक औपचारिक आदेश हुआ था, जिसके तहत मुख्यमंत्री व उनके कैबिनेट सहयोगियों को कार्यमुक्त किया गया था।
अब जबकि उच्च न्यायालय ने राष्ट्रपति शासन को खारिज कर दिया तो राजभवन या शासन की तरफ से अभी तक अधिकृत तौर पर यह आदेश सार्वजनिक नहीं किया गया कि न्यायालय के आदेश के क्रम में सरकार को बहाल कर दिया है।
शासन में कोई बोलने को तैयार नहीं है और राजभवन ने देर शाम मुलाकात की जो प्रेस विज्ञप्ति जारी की है उसमें हरीश रावत को निवर्तमान मुख्यमंत्री लिखा है। संवैधानिक तौर पर मुख्यमंत्री को सारी शक्ति संविधान से राज्यपाल के माध्यम से मिलती है।
शर्मा की बहाली का भी रास्ता खुला
हरीश रावत के साथ ही पावरफुल ब्यूरोक्रेट के रूप में पहचाने जाने वाले रिटायर्ड आईएएस राकेश शर्मा की बहाली भी हो सकती है। कुछ ही दिन पहले वह राजस्व परिषद के चेयरमैन के पद से मुक्त किए गए थे। इससे पहले उन्होंने खुद ही सीएम के मुख्य प्रधान सचिव के पद से इस्तीफा दे दिया था।
माना जा रहा है कि राकेश शर्मा की वापसी भी जल्द होगी। उम्मीद यह है कि हरीश रावत बहुमत साबित करने के बाद ही इस तरह के मामलों में निर्णय लेंगे। राकेश शर्मा पिछली सरकार में हरीश रावत के खासमखास हाकिम थे। मुख्य सचिव के पद से रिटायर होने के बाद वह मनमुताबिक पद सृजित कराकर सीएम के मुख्य प्रधान सचिव बने।
वह अपने पूरे समय काफी प्रभावशाली बने रहे। इसके अलावा अफसरों की एक खास लॉबी जो कि सीएम के लिए खास मानी जाती थी, उसे भी आक्सीजन मिली है। क्योंकि यदि कुछ और दिन सरकार नहीं बनती तो हालात बदलने के साथ ही व्यापक पैमाने पर तबादले होने प्रस्तावित थे, लेकिन फिलहाल अफसरों की इस लॉबी को राहत मिली है। हालांकि अभी सारी तस्वीर स्पष्ट होने के लिए 29 अप्रैल का इंतजार करना होगा।