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आसान नहीं है सीएम रावत की घोषणा की राह
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 03 Sep 2014 10:33 AM IST
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उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत की मसूरी से फ्रीज जोन खत्म करने की घोषणा में कुछ मसलों पर उलझाव हो सकता है। भले ही शासनादेश खत्म कर दिया जाए, लेकिन फॉरेस्ट कनजर्वेशन एक्ट 1980 यहां लागू है।
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कोर्ट में डाली गई थी स्पेशल रिट पेटीशन
जानकारों का कहना है कि मसूरी में आवासीय और व्यवसायिक निर्माणों को नियंत्रित करने के लिए मई 1996 में यूपी सरकार ने शासनादेश जारी किया था। राज्य बनने पर उत्तराखंड में भी इसी शासनादेश का पालन होता रहा है।
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इसके बाद सुप्रीम कोर्ट की मॉनीटरिंग कमेटी ने कहा था कि एमडीडीए फॉरेस्ट कनजर्वेशन एक्ट 1980 का पालन नहीं कर रहा है। इस पर कोर्ट में स्पेशल रिट पेटीशन डाली गई। कोर्ट ने वन क्षेत्र की परिभाषा दी।
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जानकारों का कहना है कि शासनादेश में मसूरी नगर पालिका परिषद के कोर एरिया को फ्रीज जोन घोषित किया गया था। इसमें कुछ क्षेत्र विशुद्ध रूप से वन विभाग के दायरे में आता है। फ्रीज जोन की गैर वन भूमि में एमडीडीए नक्शा पास कर सकता है।
एमडीडीए ने इस मामले में पुराने रिकार्ड खंगालने शुरू कर दिए हैं। उत्तराखंड इंजीनियर्स, ड्राफ्ट्समैन वेलफेयर एसोसिएशन के सचिव डीएस राणा का कहना है कि फ्रीज जोन संबंधी यूपी का शासनादेश निरस्त होने के बाद भी कई मसले बाकी हैं।
मसूरी के लोग आसानी से बना सकेंगे मकान
मसूरी में शहीद स्मारक के लोकार्पण के बाद श्रद्धांजलि सभा के दौरान मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मसूरीवासियों को कई सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने नगरवासियों के आवास निर्माण संबंधी समस्या का समाधान करते हुए यूपी के फ्रीज जोन संबंधी शासनादेश को खत्म कर मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण को मकानों के नक्शे स्वीकृत करने का अधिकार देने की घोषणा की।
यातायात समस्या दूर करने के लिए आईटीबीपी के पास से जीरो प्वाइंट तक सुरंग बनाने की घोषणा की। सीवर और पीने के लिए पानी की समस्या जल्द दूर होगी। मसूरी और नैनीताल के आसपास के इलाके विकसित होंगे। छोटे-छोटे पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे।
मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा शहीदों के सपने साकार करने लिए गांव के अंतिम व्यक्ति के विकास की चिंता करनी होगी। उत्तराखंड का आंदोलन गांवों के विकास को केंद्र में रखकर लड़ा गया था। इसलिए सरकार की प्राथमिकता में गांव का विकास है।
कहा कि पर्यटन प्रदेश की अर्थ व्यवस्था की रीढ़ है। कहा कि नैनीताल और मसूरी के आसपास के इलाकों को विकसित करने के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके पदेन अध्यक्ष मुख्य सचिव होंगे।
महीने में एक बार कमेटी बैठक कर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति पर चर्चा करेगी। 20 सालों से फ्रीज जोन में मानचित्र स्वीकृति के लिए शासन में धक्के खा रहे लोगों को जल्द राहत मिलेगी। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण अपने स्तर से मानचित्र स्वीकृत करेगा।
इसका और सरलीकरण किया जाएगा। जाम से निपटने के लिए आईटीबीपी के पास से जीरो प्वाइंट तक सुरंग बनाई जाएगी। बड़ी पार्किंगों के साथ छोटे-छोटे पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। फड़ व्यवसायियों के लिए वेडिंग, हैंगिंग जोन का अतिशीघ्र निर्माण किया जाएगा।
ऑडिटोरियम के निर्माण में पालिका को मदद की जाएगी। सीएम ने मौके पर अधिकारियों और सचिवों से फोन पर वार्ता भी की।
मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक का किया लोकार्पण
दो सितंबर 1994 को मसूरी गोलीकांड में मारे गए आंदोलनकारियों की याद में मुख्यमंत्री हरीश रावत ने मंगलवार सुबह झूलाघर मालरोड स्थित शहीद स्थल में स्मारक का लोकार्पण किया और शहीदों की आदमकद प्रतिमाओं का अनावरण कर श्रद्धांजलि दी।
उत्तराखंड शहीद स्मारक समिति के तत्वाधान में हुई सर्वधर्म प्रार्थना सभा में धर्म गुरुओं ने शांति का पाठ किया। श्रद्धांजलि देने वालों में मुख्यमंत्री हरीश रावत, काबीना मंत्री दिनेश अग्रवाल, प्रीतम सिंह पंवार, दिनेश धनै, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष किशोर उपाध्याय, विधायक गणेश जोशी, पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला आदि शामिल थे।