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हरिद्वार : मंदिरों को बचाने के लिए रात को भी नजर रखे हैं गांव के युवा, प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए दिया था समय
Sat, 05 Sep 2020 11:25 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 05 Sep 2020 11:25 AM IST
सार
- बादशाहपुर और रानीमाजरा रविदास मंदिर पर नजर रखे हैं गांव के युवा
- प्रशासन ने इन अतिक्रमण हटाने के लिए दिया हुआ पांच दिन का समय
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- फोटो : File Photo
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विस्तार
बादशाहपुर और रानीमाजरा में रविदास मंदिर में बचाने के लिए गांवों के युवा दिनरात पहरा दे रहे हैं। युवाओं को आशंका है कि प्रशासन रात के समय मंदिरों को तोड़ सकता है। इसलिए युवाओं की टोली रात को भी मंदिर में जमी रहती है।
कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने बादशाहपुर और रानीमाजरा के रविदास मंदिर समितियों को नोटिस जारी करके अतिक्रमण हटाने को कहा था। प्रशासन का कहना है कि यह मंदिर सरकारी जमीन पर बने हुए हैं। 31 अगस्त को जिला प्रशासन की टीम मंदिरों को ध्वस्त करने के लिए पहुंची थी।
ग्रामीणों के भारी विरोध और भाजपा विधायकों के बीच में आने के बाद प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। प्रशासन तक मंदिर समितियों को पांच दिन का वक्त दिया और खुद अतिक्रमण नहीं हटाने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी हुई है।
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विभिन्न पार्टियों व संगठनों जुड़े लोग प्रतिदिन बादशाहपुर और रानीमाजरा में मंदिर में पहुंच कर मंदिर तोड़ने के प्रयास का विरोध कर चुके हैं। बसपा महासचिव पंकज सैनी, जिला अध्यक्ष रामकुमार राणा, इरशाद अली, यूनुस अंसारी के नेतृत्व में बादशाहपुर व रानीमाजरा मंदिर समिति से जुड़े लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार से एसडीएम गोपाल सिंह चौहान से मिला। लोगों ने और समय दिए जाने की मांग की। एसडीएम ने अफसरों से बात किए बिना कोई आश्वासन देने से मना कर दिया।
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कोर्ट के आदेश पर प्रशासन ने बादशाहपुर और रानीमाजरा के रविदास मंदिर समितियों को नोटिस जारी करके अतिक्रमण हटाने को कहा था। प्रशासन का कहना है कि यह मंदिर सरकारी जमीन पर बने हुए हैं। 31 अगस्त को जिला प्रशासन की टीम मंदिरों को ध्वस्त करने के लिए पहुंची थी।
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ग्रामीणों के भारी विरोध और भाजपा विधायकों के बीच में आने के बाद प्रशासन को अपनी कार्रवाई रोकनी पड़ी थी। प्रशासन तक मंदिर समितियों को पांच दिन का वक्त दिया और खुद अतिक्रमण नहीं हटाने पर ध्वस्तीकरण की चेतावनी दी हुई है।
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विभिन्न पार्टियों व संगठनों जुड़े लोग प्रतिदिन बादशाहपुर और रानीमाजरा में मंदिर में पहुंच कर मंदिर तोड़ने के प्रयास का विरोध कर चुके हैं। बसपा महासचिव पंकज सैनी, जिला अध्यक्ष रामकुमार राणा, इरशाद अली, यूनुस अंसारी के नेतृत्व में बादशाहपुर व रानीमाजरा मंदिर समिति से जुड़े लोगों का एक प्रतिनिधिमंडल शुक्रवार से एसडीएम गोपाल सिंह चौहान से मिला। लोगों ने और समय दिए जाने की मांग की। एसडीएम ने अफसरों से बात किए बिना कोई आश्वासन देने से मना कर दिया।