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हरिद्वार: डुप्लीकेट डिग्री बनाई, पहचान बदली और बन गए मास्टर, पढ़ें क्या है पूरा मामला... 

Mon, 07 Sep 2020 10:33 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 07 Sep 2020 10:33 PM IST
सार

  • उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में नौकरी कर रहे है असली और नकली डिग्री मालिक
  • एसआईटी जांच में दूसरे की डुप्लीकेट डिग्री पर नौकरी करते पाए तीन शिक्षक

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Haridwar: Teacher Duplicate Degree one more Shocking Case caught
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

हरिद्वार में शिक्षा विभाग में तैनात शिक्षकों की शैक्षणिक और अन्य प्रमाणपत्रों के सत्यापन के दौरान एक से बढ़कर एक खुलासे हो रहे हैं। फर्जी डिग्री के सहारे असली नौकरी पानी वालों ने ऐसा जाल बुना की कि जांच अधिकारी भी भौचक्के रहे गए। नौकरी पाने वालों ने दूसरे के असली डिग्री से अपनी डुप्लीकेट डिग्री की कॉपी बना डाली, पहचान बदली और नौकरी पा ली।

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एसआईटी जांच में तीन शिक्षक ऐसे पाए गए हैं। डिग्री के असली मालिक उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। आरोपियों ने संबंधित डिग्री की फोटो स्टेट चुराकर हाईस्कूल से लेकर बीटीसी तक के डुप्लीकेट प्रमाणपत्र तैयार करवा लिए।
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एसआईटी जांच में शिक्षा विभाग में भर्ती में रोज नए खेल सामने आ रहे हैं। ताजा मामला हरिद्वार के गिद्दावाली प्राथमिक विद्यालय के शिक्षक प्रीतम सिंह निवासी स्योहरा बिजनौर का पकड़ में आया है। प्रीतम सिंह नाम बदलकर लोकेश कुमार निवासी शेखोपुरा तर्क बिजनौर की डिग्री पर नौकरी कर रहा था।
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लोकेश कुमार भी बिजनौर के एक स्कूल में टीचर हैं। लोकेश ने 2008 में नौकरी ज्वाइन की थी। बड़ी बात यह है कि लोकेश की डिग्री पर प्रीतम सिंह ने उत्तराखंड में 2007 में नौकरी पा ली थी। एसआईटी के सामने आए लोकेश ने आशंका जताई कि उन्होंने कई इंटरव्यू में अपने प्रमाणपत्र के प्रति जमा कराई थी, जहां से फोटो स्टेट लेकर फर्जी डिग्री बनाई गई है। 

दूसरे की डुप्लीकेट डिग्री पर नौकरी करने मामला जसपुर में पकड़ में आया। मुरादाबाद के नौ गांव का कमलवीर जसपुर के मुरलीवाला प्राथमिक विद्यालय में ओमकुमार के नाम से नौकरी कर रहा था। एसआईटी प्रभारी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि असली ओम कुमार सहारनपुर जिले के कुराली प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक है।

ओम कुमार की डिग्री की डुप्लीकेट डिग्री बनाकर कमलवीर ने नौकरी हथिया ली। बाकायदा उसने अपनी पहचान भी बदल ली। इसके अलावा देशबंधु इंटर कालेज में तैनात शिक्षक शुभम कुमार का स्थायी निवास प्रमाणपत्र फर्जी पाया गया है। 

यूपी शिक्षा विभाग को भेजी फर्जीवाडे़ की रिपोर्ट

शिक्षक कमलवीर के दस्तावेजों की जांच के दौरान पता चला कि उसका रिश्ते का भाई भी इस तरह किसी अशोक की डिग्री के आधार पर उत्तर प्रदेश में नौकरी कर रहा है। अशोक के नाम की डिग्री पर नौकरी करने के मामले में लक्सर के एक शिक्षक के खिलाफ एफआईआर हो चुकी है। हालांकि असली अशोक का अभी पता नहीं लग पाया है। एसआईटी प्रभारी मणिकांत मिश्रा ने बताया कि इस मामले में उत्तराखंड शिक्षा निदेशालय के माध्यम से यूपी शिक्षा को रिपोर्ट भेजी जा रही है। 

24 हजार प्रमाण पत्रों का सत्यापन बाकी
एसआईटी को अभी 24 हजार प्रमाणपत्रों का सत्यापन करना है। शिक्षा विभाग ने करीब 54 हजार प्रमाणपत्र एसआईटी को उपलब्ध कराए थे। कोरोना काल के चलते दस्तावेज के सत्यापन का काम पूरी तरह प्रभावित हुआ है। 

एसआईटी जांच में दूसरे की डिग्री चुराकर डुप्लीगेट डिग्री बनाने के अब तक करीब आठ मामले सामने आ चुके हैं। जांच के दौरान इस तरह के संकेत मिल रहे हैं कि भर्ती प्रक्रिया के दौरान कोई गैंग सक्रिय था। गैंग मुंह मांगे दाम पर डुप्लीकेट डिग्री बनाकर उपलब्ध कराई है। इस बिंदुओं पर जांच का दायरा बढ़ाया गया है। एसआईटी अब तक 107 शिक्षकों के खिलाफ अमान्य डिग्री मिलने पर कार्रवाई की संस्तुति कर चुकी है।   
- मणिकांत मिश्रा, प्रभारी एसआईटी। 

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