Haridwar: संन्यास दीक्षा महोत्सव में पतंजलि पहुंचे RSS प्रमुख मोहन भागवत, चतुर्वेद पारायण यज्ञ में दी आहुति
स्वामी रामदेव ने भावी संन्यासियों से कहा कि हम सनातन धर्म के पुराधाओं की शृंखला तैयार कर महर्षि दयानन्द के स्वप्न को साकार करेंगे।
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हरिद्वार में पतंजलि संन्यास आश्रम में संन्यास दीक्षा महोत्सव में आठवें दिन बुधवार को आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ऋषिग्राम पहुंचे और चतुर्वेद पारायण यज्ञ में आहुति दी। बृहस्पतिवार को रामनवमी पर स्वामी रामदेव वीआईपी घाट पर 100 युवाओं को संन्यास की दीक्षा देंगे। शाम 4 बजे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह पतंजलि विश्वविद्यालय के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन करेंगे।
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स्वामी रामदेव ने भावी संन्यासियों से कहा कि हम सनातन धर्म के पुराधाओं की शृंखला तैयार कर महर्षि दयानन्द के स्वप्न को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि पतंजलि के माध्यम से स्वास्थ्य एवं शिक्षा का बहुत बड़ा आंदोलन चलाया जा रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भारतीय शिक्षा बोर्ड, पतंजलि गुरुकुलम्, आचार्यकुलम्, पतंजलि विश्वविद्यालय, पतंजलि आयुर्वेद कॉलेज के माध्यम से शिक्षा क्रांति का शंखनाद हो गया है। इस कार्य में पतंजलि के संन्यासियों की भूमिका अहम रहेगी।
स्वामी रामदेव ने कहा कि स्वदेशी शिक्षा तंत्र का महर्षि दयानन्द, स्वामी विवेकानंद, महात्मा गांधी और सभी क्रांतिकारियों का सपना आजादी के 75 वर्ष बाद पतंजलि पूरा कर रहा है। देश स्वतंत्र हो गया लेकिन शिक्षा और चिकित्सा तंत्र अपना नहीं है। गुलामी की रस्मों एवं निशानियों को मिटाना है। यह कार्य संन्यासी ही कर सकते हैं।
आचार्य बालकृष्ण ने कहा कि संन्यास मार्ग मोक्ष प्राप्ति का सरलतम साधन है। इस दौरान महिला मुख्य केन्द्रीय प्रभारी साध्वी देवप्रिया, आचार्यकुलम् की निदेशिका ऋतम्भरा शास्त्री, स्वामी विदेहदेव, स्वामी मित्रदेव, स्वामी ईशदेव, स्वामी सोमदेव, साध्वी देवश्रुति, साध्वी देववेरण्या, साध्वी देववाणी, साध्वी देवार्चना आदि उपस्थित रहे।