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धर्मनगरी हरिद्वार बना खुदकशी का 'ठिकाना'

Mon, 19 Aug 2013 09:39 AM IST
हरिद्वार/नवाज
हरिद्वार/नवाज Updated Mon, 19 Aug 2013 09:39 AM IST
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Haridwar remains committed suicide

केस एक- दस अगस्त को चांद तिराहा, दरियागंज निवासी युवक विशाल पुत्र देवेंद्र ने होटल में फांसी लगाकर जान दे दी। कमरे से मिले सुसाइड नोट में युवक ने खुदकशी का जिम्मेदार खुद को बताया था। युवक पिछले काफी समय से मानसिक परेशान चल रहा था।

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केस दो- प्रेमिका के साथ हरिद्वार आए प्रेमी ने शादी की जिद को लेकर जहर खा लिया। प्रेमी आदित्य पुत्र वेदप्रकाश निवासी दादरी, गौतमबुद्ध नगर के जहर खाने पर प्रेमिका ने भी सल्फास का सेवन कर लिया। दोनों को गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी जान बच गई।
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केस तीन- शादी कर वैशाली बिहार से आई मंसा पत्नी अमित बहादराबाद में किराए पर रहती थी। पति से तनातनी पर वह इतनी नाराज हुई कि घर में फंासी लगाकर जान दे दी। वहीं पूजा पत्नी बलजीत निवासी गांव मुखेरा, सोनीपत हरियाणा ने गंगा से छलांग लगाने का प्रयास किया। परिजनों के तानों से परेशान पूजा को किसी तरह पुलिस ने बचा लिया।
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खुदकुशी का ठिकाना

मोक्ष नगरी हरिद्वार खुदकुशी का ठिकाना बनता जा रहा है। आए दिन दूसरे राज्यों और जनपदों से आकर लोग हरिद्वार में मौत को गले लगा रहे हैं।

कोई होटल के कमरे में फांसी पर झूल रहा है तो कोई जहर खाकर अपनी जान दे रहा है। यही नहीं कई ऐसे हैं जो गंगा में कूद कर मौत की आगोश में समा जाते हैं।

42 लोगों ने खुदकुशी की
गत वर्ष हरिद्वार में 42 लोगों ने खुदकुशी की। इनमें से करीब 50 प्रतिशत बाहरी पुरुष और महिलाएं शामिल हैं। आत्महत्या का प्रयास करने वालों में भी बाहर के लोगों की संख्या काफी है।

गंगा स्नान के लिए देश-विदेश से सनातनी हरिद्वार आते हैं। हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड में स्नान कर मोक्ष की प्राप्ति करते हैं, लेकिन नए दौर में हरिद्वार में बाहर से आने वाले लोगों के लिए यह खुदकुशी का ठिकाना भी बनता जा रहा है।


मौत को गले लगाया

पिछले साल से अब तक हरिद्वार शहर में 42 लोगों ने आत्महत्या की, इनमें से करीब 22 लोग बाहर के हैं। जिन्होंने हरिद्वार में मौत को गले लगाया है। वहीं आत्महत्या का प्रयास करने वालों का आंकड़ा 130 है। इनमें से भी करीब 45 दूसरे प्रदेशों के लोग हैं।

इनकी भी सुनिए
पिछले कुछ समय से हरिद्वार में आत्महत्या करने वालों की संख्या बढ़ी है। बाहर से आकर आत्महत्या करने वालों की संख्या भी अधिक है।
जेएस भंडारी, एसपी सिटी, हरिद्वार।

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