उत्तराखंड में दिलों पर राज तो किया, लेकिन फिर भी निराश कर गए PM मोदी
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बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ धाम पहुंचे। जहां उन्होंने अपने व्यवहार से धाम में मौजूद लोगों के दिलों पर राज कर लिया। लेकिन पतंजलि योगपीठ रिसर्च सेंटर में पीएम मोदी हरिद्वार की जनता को निराश कर गए।
केदारनाथ धाम में भले ही बच्ची को पुचकारकर और मंदिर के बाहर कर्मचारी को मनाकर खुद अपने जूते उताकर पीएम मोदी ने वाहवाही बटोरी हो, लेकिन हरिद्वार के लोगों को बस निराशा ही हाथ लगी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पतंजलि योगपीठ दौरे के मद्देनजर हरिद्वारवासियों को कुछ उम्मीदें भी थी, लेकिन प्रधानमंत्री मोदी जनता के मसलों पर कुछ नहीं बोले।
ये थे बड़े मुद्दे...
सबसे बड़ा मुद्दा गंगा की स्वच्छता का था। केंद्र सरकार गंगा की स्वच्छता को अपनी प्राथमिकता में शामिल बताते हुए नमामि गंगे जैसी महत्वपूर्ण योजना का शुभारंभ भी हरिद्वार से कर चुकी है। एक साल बीतने पर भी योजना धरातल पर नहीं उतर पाई है।
नमामि गंगे के तहत कई सौ करोड़ की योजनाएं चलाई जानी प्रस्तावित हैं। विगत सात जुलाई 2016 को इन योजनाओं का शिलान्यास ऋषिकुल मैदान में किया गया था। मगर आज भी इन योजनाओं को जमीन पर उतरने का इंतजार है। बनारस में गंगा स्वच्छता को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं करने वाले मोदी क्या हरिद्वार में भी गंगा का दर्द समझ पाएंगे, इस पर सभी की निगाहें लगी हुई थी।
दूसरा सबसे बड़ा मुद्दा उत्तराखंड की चारधाम यात्रा के सबसे महत्वपूर्ण आधार हाईवे की बदहाली का था। उत्तराखंड में ऑल वेदर जैसी महत्वपूर्ण योजना देने वाले नरेंद्र मोदी ने विधानसभा चुनाव के दौरान ऋषिकुल मैदान पर हुई सभा में घोषणा की थी कि वे उत्तराखंड राज्य को परवरिश के लिए गोद लेने आए हैं।
यहां चारधाम यात्रा शुरू हो चुकी है, पर राष्ट्रीय राजमार्ग की हालत बद से बदतर है। चौड़ीकरण के नाम पर कई साल से काम चल रहा है, मगर हालात नहीं बदले हैं।