यूपी के कुख्यात सुंदर भाटी गैंग के दो शूटर गिरफ्तार, यहां करने वाले थे मर्डर
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हरिद्वार- दिल्ली हाईवे पर यातायात पुलिस के हत्थे चढ़े वेस्ट यूपी के भाड़े के दो शूटर पकड़े गएए हैं। उनके साथी दो शूटर भाग निकले थे, जिन्हें ही टॉरगेट की जानकारी थी। हत्याकांड को अंजाम देने की एवज में तीस लाख की सुपारी तय हुई थी। इधर, सीआईयू और कनखल पुलिस की टीमें फरार हुए शूटरों की धरपकड़ में छापे मार रही है।
थाना कनखल कैंपस में मंगलवार को एसपी सिटी ममता वोहरा ने पत्रकारों बताया कि वे कनखल में हत्याकांड को अंजाम देने वाले थे। हाईवे पर यातायात पुलिस की गिरफ्त में आए कार सवार शूटरों के नाम कपिल शर्मा पुत्र मदन सेन शर्मा निवासी रामपुरी होली चौक थाना कोतवाली नगर मुजफ्फरनगर एवं नितिन उर्फ आजाद उर्फ केके पुत्र सुरेंद्र लाल निवासी गांव फफोदा खरखोदा जिला मेरठ हैं।
इनके साथ कार में शूटर सोनू राठी उर्फ अजय राठी निवासी सैनिक विहार मेरठ यूपी और अमरदीप उर्फ राहुल राठी निवासी थाना मेडिकल मेरठ थे, जो फरार होने में कामयाब रहे थे। बताया कि सोनू राठी के साथ वेस्ट यूपी में जेल में रहे शूटर नितिन ने कबूला है कि उसे सोनू ने ही भाड़े पर हत्या करने के हायर किया था।
उसे हत्याकांड को अंजाम देने के लिए चार लाख की रकम मिलनी थी। हत्याकांड की पूरी सुपारी तीस लाख में तय हुई थी। एसपी सिटी ने बताया कि नितिन पेशेवर अपराधी है और हत्या के प्रयास के आरोप में जेल जा चुका है।
बार- बार बयान बदलता रहा शूटर
सोनू और राहुल भी पेशेवर शूटर हैं। सोनू हाल ही में हत्या के आरोप में जमानत पर छूटकर आया है। फिलहाल वह मुजफ्फरनगर में रह रहा था। एसपी सिटी ने बताया कि यह साफ नहीं हो सका कि हत्या किसकी होनी थी। यह बात सोनू के गिरफ्त में आने पर ही साफ हो सकेगी। आरोपियों के कब्जे से एक नाइन एमएम की पिस्टल, दो देसी तमंचे और जिंदा कारतूस भारी संख्या में बरामद हुए थे। यह सब पेशेवर शूटर हैं।
बार- बार बयान बदलता रहा शूटर
भाड़े का शूटर नितिन उर्फ आजाद उर्फ केके वेस्ट यूपी के कुख्यात सुंदर भाटी गैंग का शूटर है। ये बात उसने पुलिस पूछताछ में कबूली है। हालांकि उसने दो नाम भी पुलिस के समक्ष लिए है, जिनकी हत्या की जानी थी। लेकिन बार-बार बयान बदलने से पुलिस विश्वास नहीं कर पा रही है। शूटर ने सुरेंद्र गुप्ता और राजकुमार गुप्ता का नाम लिए हैं, इस नाम के कोई रसूखदार या धनाढ्य शख्स कनखल में नहीं होना सामने आए हैं। बकौल पुलिस नितिन बेहद ही शातिर है। वह सोमवार से अब तक कई बार बयान पलट चुका है।
अभी भी टॉरगेट पर मंडरा रहा खतरा
भले ही शूटर पुलिस के हत्थे चढ़ गए हों, लेकिन जिस किसी की भी वे हत्या करने के इरादे से आए थे उसकी जान पर खतरा बरकरार है। क्योंकि दो शूटर अब भी फरार ही हैं। इधर, पुलिस की समझ में नहीं आ रहा है कि आखिर कनखल में कौन हो सकता है जिसकी हत्या होनी थी।
शिवालिक नगर में भी ठहरे दो साथी
हरिद्वार में होने वाले हत्याकांड की साजिश के तार यूपी के इटावा से जुड़ रहे हैं। दरअसल, फरार शूटर सोनू राठी का लिंक इटावा के अनुराग शर्मा और आजाद निवासी बागपत से था। वे सिडकुल की एक फैक्ट्री में कार्यरत अपने किसी परिचित के यहां ठहरे थे, लेकिन सोमवार को शूटर के हत्थे चढ़ने की खबर पाकर वे फरार हो गए थे। वे ही जानते थे कि टॉरगेट कौन हैं। पुलिस टीम ने उस युवक को हिरासत में लिया हुआ है जिसके कमरे पर आजाद और अनुराग ठहरे हुए थे। आजाद के साथ वेस्ट यूपी की जेल में रहने के दौरान ही सहारनपुर के रहने वाले फैक्ट्रीकर्मी युवक की दोस्ती हुई थी।