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कर्मचारियों के उत्पीड़न के खिलाफ हरीश रावत ने की सिडकुल की परिक्रमा, कहा - भाजपा के शब्दकोष में मजदूर नहीं
Sat, 17 Oct 2020 08:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
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Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 17 Oct 2020 08:31 PM IST
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कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत
- फोटो : AMAR UJALA FILE PHOTO
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पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत ने कहा कि भाजपा की केंद्र और राज्य सरकारों के शब्दकोष में मजदूर शब्द ही नहीं है। यह पूंजीपतियों की पैरोकार सरकार है। यही कारण है कि आज तमाम औद्योगिक क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों और श्रमिकों का उत्पीड़न किया जा रहा है।
यह बात उन्होंने सिडकुल परिक्रमा करने के बाद कही। शनिवार को हरीश रावत कार्यकर्ताओं के साथ गार्डेनिया होटल चौक पर पहुंचे। यहां से उन्होंने सिडकुल में कर्मचारियों के उत्पीड़न और युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा गार्डेनिया होटल चौक से शुरू होकर पेट्रोल पंप के बराबर वाली रोड से दवा चौक, हीरो चौक, आईटीसी होते हुए गार्डेनिया चौक पर ही समाप्त हुई।
इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव करके उद्यमियों को उत्पीड़न करने की खुली छूट दे दी है।
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सिडकुल हरिद्वार में सत्तर फीसदी ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां तीन सौ से कम कर्मचारी काम करते हैं। नए श्रम कानून में ऐसे उद्यमी बिना किसी नोटिस के कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज लाखों युवा बेरोजगार हैं। सरकार के पास इनको रोजगार देने की कोई योजना नहीं है।
वेतन कम कर दिया और काम के घंटे बढ़ गए
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान औद्योगिक इकाइयों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की गई। इनकी जगह नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई। जो लोग काम करते हैं, कोरोना के नाम पर उनका वेतन कम कर दिया और काम के घंटे बढ़ा दिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगी। सिडकुल में आज 12 से ज्यादा स्थानों पर धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से कर्मचारियों का उत्पीड़न हो रहा है।
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यह बात उन्होंने सिडकुल परिक्रमा करने के बाद कही। शनिवार को हरीश रावत कार्यकर्ताओं के साथ गार्डेनिया होटल चौक पर पहुंचे। यहां से उन्होंने सिडकुल में कर्मचारियों के उत्पीड़न और युवाओं को रोजगार देने की मांग को लेकर परिक्रमा शुरू की। परिक्रमा गार्डेनिया होटल चौक से शुरू होकर पेट्रोल पंप के बराबर वाली रोड से दवा चौक, हीरो चौक, आईटीसी होते हुए गार्डेनिया चौक पर ही समाप्त हुई।
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इस अवसर पर कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की भाजपा सरकार ने श्रम कानूनों में बदलाव करके उद्यमियों को उत्पीड़न करने की खुली छूट दे दी है।
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सिडकुल हरिद्वार में सत्तर फीसदी ऐसी औद्योगिक इकाइयां हैं, जहां तीन सौ से कम कर्मचारी काम करते हैं। नए श्रम कानून में ऐसे उद्यमी बिना किसी नोटिस के कर्मचारियों को नौकरी से निकाल सकते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आज लाखों युवा बेरोजगार हैं। सरकार के पास इनको रोजगार देने की कोई योजना नहीं है।
वेतन कम कर दिया और काम के घंटे बढ़ गए
पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि कोरोना संक्रमण के दौरान औद्योगिक इकाइयों में बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की गई। इनकी जगह नए कर्मचारियों की भर्ती नहीं हुई। जो लोग काम करते हैं, कोरोना के नाम पर उनका वेतन कम कर दिया और काम के घंटे बढ़ा दिए।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस उत्पीड़न को बर्दाश्त नहीं करेगी। सिडकुल में आज 12 से ज्यादा स्थानों पर धरना-प्रदर्शन चल रहा है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि किस तरह से कर्मचारियों का उत्पीड़न हो रहा है।