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Haridwar News : प्रयागराज में माघ माह के स्नान के लिए गंगा में छोड़ा अतिरिक्त पानी
Sat, 30 Jan 2021 12:15 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
निशांत खनी, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Sat, 30 Jan 2021 12:15 PM IST
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हरिद्वार से गंगा में अतिरिक्त पानी छोड़ गया
- फोटो : अमर उजाला (File Photo)
प्रयागराज में माघ माह के स्नान के लिए हरिद्वार से गंगा में अतिरिक्त पानी छोड़ गया है। भीमगोड़ा बैराज से गंगा की मुख्य धारा का जलस्तर 12331 क्यूसेक कर दिया है। माघ माह के स्नान तक डिमांड के अनुसार जलस्तर बढ़ाया और कम किया जा सकेगा।
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ग्लेशियरों के कम पिघलने से बैैराज से पहले पहुंचने वाली गंगा की मुख्य धारा के जलस्तर में कमी आई है। कमी को पूरा करने के लिए टिहरी डैम से रोजाना 212 क्यूमेक पानी छोड़ा जा रहा है। गंगा का जलस्तर पूरी तरह उच्च हिमालयी क्षेत्रों के मौसम पर निर्भर है। दिसंबर से जनवरी तक मुख्य धारा के जलस्तर में लगातार उतार-चढ़ाव है।
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सर्दियों में गंगा की मुख्य धारा में सुबह-शाम सात से आठ हजार क्यूसेक और दोपहर में नौ हजार क्यूसेक तक पानी रहता है। जबकि गर्मियों में ग्लेशियरों के पिघलने से 30 से 40 हजार क्यूसेक तक भी पानी पहुंच जाता है। हरिद्वार में गंगा की मुख्य धारा पर उत्तर प्रदेश सिंचाई विभाग का भीमगोडा बैराज बना है। इसी बैराज से गंगा की मुख्य धारा और गंगनहर में पानी छोड़ा जाता है।
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गंगनहर में छोड़े जाने वाली पानी से उत्तरप्रदेश में सिंचाई होती है। वहीं, बैराज से गंगा की मुख्य धारा में छोड़ा जाने वाला पानी बिजनौर और कानपुर होकर प्रयागराज पहुंचता है। यूपी की मांग के हिसाब से हरिद्वार बैराज से गंगा की मुख्य धारा और गंगनहर में पानी बढ़ाया और कम किया जाता है। शुक्रवार से गंगा की मुख्य धारा का जलस्तर 12331 क्यूसेक कर दिया है। जबकि एक हफ्ते पहले तक सात से आठ हजार क्यूसेक ही पानी छोड़ा जा रहा था।
बैराज के वॉटर एकाउंट असिस्टेंट निर्भय भारद्वाज के मुताबिक शुक्रवार दोपहर प्रयागराज के लिए पानी बढ़ाए जाने की मांग आई। इसके बाद ही जलस्तर बढ़ाया गया है। निर्भय भारद्वाज ने बताया कि बैराज से पहले गंगा की मुख्य धारा का जलस्तर कम है। लिहाजा, टिहरी डैम से छोड़े जाने वाले जलस्तर 212 क्यूमेक हो गया है। पिछले सप्ताह तक टिहरी डैम से 152 से 180 क्यूमेक पानी हरिद्वार तक आ रहा था।