महिला के शव की गुत्थी सुलझी: शादीशुदा प्रेमिका बना रही थी शादी का दबाव, प्रेमी ने ऐसे दी खौफनाक मौत
Haridwar Murder Case: 10 मई को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास बंद पड़े पैदल मार्ग पर झाड़ियों के बीच एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। शव बिना कपड़ों के था और चेहरा बुरी तरह सड़ चुका था। आज पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
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चंडी देवी मंदिर रोपवे मार्ग के पास जंगल में मिले अज्ञात महिला की हत्या की गुत्थी को हरिद्वार पुलिस और सीआईयू ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रेम प्रसंग के चलते हुई इस हत्या में मुख्य आरोपी ने अपनी प्रेमिका को शादी का दबाव बनाने पर भाई और जीजा के साथ मिलकर मौत के घाट उतार दिया था।पुलिस टीम ने करीब 600 घंटे की सीसीटीवी फुटेज, 1.64 लाख से अधिक मोबाइल नंबरों और विभिन्न तकनीकी डाटा का विश्लेषण कर मामले का पर्दाफाश किया।
रविवार को मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने पूरे हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 10 मई को चंडी देवी मंदिर के रोपवे के पास बंद पड़े पैदल मार्ग पर झाड़ियों के बीच एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। शव बिना कपड़ों के था और चेहरा बुरी तरह सड़ चुका था। घटनास्थल से दो कुंडल, टूटा हुआ मंगलसूत्र, सफेद गमछा और महिला के गले में कसा हुआ ब्लाउज बरामद हुआ था, जिससे प्रथम दृष्टया गला घोंटकर हत्या किए जाने की आशंका जताई गई थी। शव की पहचान न होने पर पुलिस ने स्वयं वादी बनकर अज्ञात हत्यारोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया और जांच शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस को महिला के हाथों पर बने टैटू महत्वपूर्ण सुराग के रूप में मिले। दाहिने हाथ पर अंग्रेजी में कौशल्या और एक गमले का चिन्ह, जबकि बाएं हाथ पर दिल के आकार में केआर, हथेली के पीछे ओम का निशान गुदा हुआ था।
पुलिस ने एनसीआरबी, एससीआरबी और डीसीआरबी समेत विभिन्न एजेंसियों से जानकारी जुटाई। कौशल्या नाम की 1664 गुमशुदा महिलाओं और 3540 मतदाता सूची में दर्ज महिलाओं का सत्यापन कराया, लेकिन शुरुआती दौर में कोई सफलता नहीं मिली।
जांच टीम ने एक से 10 मई तक घटनास्थल से पांच किलोमीटर के दायरे में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसी दौरान आठ मई की रात की सीमित फुटेज में तीन संदिग्ध पुरुषों और एक महिला को चंडी देवी की ओर जाते हुए देखा गया। वापसी में महिला उनके साथ नहीं दिखी। इसके बाद पुलिस ने डंप डाटा से मिले 1,64,605 मोबाइल नंबरों का विश्लेषण किया और संदिग्धों की गतिविधियों को ट्रेस किया। जांच की कड़ियां जोड़ते हुए पुलिस उत्तर प्रदेश के बांदा जिले तक पहुंच गई।
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एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि मुख्य आरोपी रामप्रकाश उर्फ गोविंदा के कौशल्या के साथ प्रेम संबंध थे। रामप्रकाश पहले से शादीशुदा था, लेकिन कौशल्या उस पर शादी करने का दबाव बना रही थी। इससे परेशान होकर उसने अपने भाई राकेश और जीजा छेदीलाल के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने कौशल्या को चंडी देवी के दर्शन कराने का झांसा देकर हरिद्वार बुलाया। सुनसान रास्ते पर ले जाकर उसका गला घोंटकर हत्या कर दी और शव झाड़ियों में फेंक दिया। आरोपियों को उम्मीद थी कि घर से सैकड़ों किलोमीटर दूर शव मिलने पर महिला की पहचान नहीं हो सकेगी, लेकिन पुलिस की तकनीकी जांच के आगे उनकी योजना धरी रह गई।मामले में बांदा निवासी राकेश (25), रामप्रकाश उर्फ गोविंदा (20) और छेदीलाल (24) को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन मोबाइल फोन और एक पिट्ठू बैग बरामद किया गया है।
पुलिस टीम को मिलेगा पुरस्कार
एसएसपी ने बताया कि इस जटिल ब्लाइंड मर्डर केस के सफल खुलासे पर गढ़वाल परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये और एसएसपी कार्यालय की ओर से ढाई हजार रुपये के पुरस्कार की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि मृतका और आरोपी दोनों ही शुरुआत में पुलिस के लिए पूरी तरह अज्ञात थे। सीमित साक्ष्यों और तकनीकी जांच के सहारे टीम ने जिस तरह से मामले का खुलासा किया, वह पुलिस की पेशेवर जांच और समर्पण का उदाहरण है।