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कोविड की मार: धर्मनगरी हरिद्वार के होटलों-धर्मशालाओं की क्षमता सवा लाख, ठहरे हैं मात्र 21 हजार यात्री

Tue, 06 Apr 2021 02:30 AM IST
अलका त्यागी बसंत कुमार, अमर उजाला, हरिद्वार
बसंत कुमार, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 06 Apr 2021 02:30 AM IST
सार

  • महाकुंभ में एसओपी की सख्ती से खाली हैं होटल-धर्मशालाओं में कमरे

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Haridwar Maha Kumbh 2021: only 21 thousand Pilgrims Stay in hotels and dharamshalas even one lakh capacity
हरिद्वार में धर्मशाला - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

विस्तार

धर्मनगरी में बने होटलों और धर्मशालाओं में करीब एक लाख बीस हजार यात्रियों को ठहराने की क्षमता है, लेकिन कोविड एसओपी (मानक संचालन प्रक्रिया) की सख्ती से श्रद्धालुओं ने कदम रोक लिए हैं। फिलवक्त हरिद्वार की धर्मशालाओं और होटलों में प्रतिदिन 18 से 21 हजार श्रद्धालु ही ठहरते हैं।

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शहर में लगभग चार सौ धर्मशालाएं हैं। इनमें मौजूद कमरों और धर्मशाला एसोसिएशन के अनुसार लगभग 42 हजार यात्रियों को ठहराया जा सकता है। जबकि छोटे-बड़े करीब साढ़े छह सौ होटल और गेस्ट हाउस भी हैं। होटल एसोसिएशन के आंकड़े के अनुसार इनमें 78 हजार यात्रियों को एक साथ ठहराया जा सकता है।
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होटल और धर्मशाला संचालक कुंभ मेले के शुरू होने से बड़ी संख्या में यात्रियों के पहुंचने की उम्मीद भी कर रहे थे। महाकुंभ को शुरू हुए पांच दिन गुजर चुकें हैं, लेकिन होटल और धर्मशाला संचालकों की उम्मीद के अनुसार श्रद्धालु नहीं पहुंच रहे हैं।
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धर्मशालाओं में केवल तीन हजार के आसपास ही लोग ठहरे हैं। वहीं, 18 हजार टूरिस्ट होटलों में रुके हैं। इससे होटल और धर्मशाला संचालकों में मायूसी है। दरअसल यात्रियों के नहीं आने की वजह कोरोना का बढ़ता संक्रमण और प्रशासन के सख्त नियम बाधा है। 

100 में धर्मशाला और आठ सौ में होटल का कमरा 

धर्मनगरी में धर्मशालाओं में सौ रुपये से लेकर कमरों का किराया शुरू होता है। इसमें आराम से डबल बेड पर चार लोग रह सकते हैं। इसके बाद 11 सौ रुपये तक कमरा मिलता है, यह एसी समेत सभी व्यवस्थाओं से लैस होते हैं, जबकि होटलों में आठ सौ रुपये से लेकर दो हजार रुपये तक डबल बेड वाले कमरे मिलते हैं, लेकिन हालात यह है कि यात्री नहीं होने से आठ सौ रुपये में भी कमरा लेने को कोई तैयार नहीं है। ऐसा यात्रियों की कमी के कारण प्रतिस्पर्धा बढ़ने से है। 

कुंभ में एंटीजन से प्रवेश, धर्मशालाओं के लिए आरटीपीसीआर 
हरिद्वार प्रशासन की ओर से भी कुंभ मेले में सीमाओं पर एंटीजन टेस्ट से प्रवेश दिया जा रहा है। जबकि धर्मशालाओं और होटलों में ठहरने के लिए आरटीपीसीआर की निगेटिव रिपोर्ट की अनिवार्यता है। ऐसे में धर्मशाला संचालक कमरे नहीं दे रहे हैं, लेकिन होटल एसोसिएशन के सदस्य एंटीजन टेस्ट पर कुंभ में प्रवेश के आधार पर कमरा देने का तर्क दे रहे हैं। 

कुंभ मेले में प्रशासन की ओर से शुरू से ही श्रद्धालुओं को सकारात्मक की बजाए नकारात्मक संदेश देकर डराने का काम किया है। इसके कारण श्रद्धालु कुंभ नगरी नहीं आ रहे हैं। अगर अब भी श्रद्धालुओं को कुंभ नगरी में लाना है तो सकारात्मक संदेश देना होगा।
-आशुतोष शर्मा, अध्यक्ष, होटल एसोसिएशन 

सीमाओं पर एंटीजन टेस्ट कर कुंभ मेले में प्रवेश दिया जा रहा है। जबकि होटल और धर्मशालाओं में ठहरने के लिए आरटीपीसीआर की बाध्यता है। धर्मशालाओं में रुकने के लिए चेकिंग की जा रही है। बिना आरटीपीसीआर नेगेटिव रिपोर्ट के कमरा देने पर कार्रवाई की प्रावधान है। कुंभ मेले में आने की पूरी छूट दी जाए। जैसे चुनावी सभाओं में दी जा रही है।
-शंकर पांडे, महामंत्री, देवभूमि धर्मशाला प्रबंधक सभा

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