{"_id":"606606dba79fbf086a15736e","slug":"haridwar-maha-kumbh-2021-land-allotment-to-10-akhara","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ मेला 2021: सात संन्यासी समेत 10 अखाड़ों को भूमि आवंटित, संतों के साथ मेलाधिकारी ने गौरीशंकर द्वीप में कराई पैमाइश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंभ मेला 2021: सात संन्यासी समेत 10 अखाड़ों को भूमि आवंटित, संतों के साथ मेलाधिकारी ने गौरीशंकर द्वीप में कराई पैमाइश
Thu, 01 Apr 2021 11:18 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 01 Apr 2021 11:18 PM IST
विज्ञापन
महंत नरेंद्र गिरी
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार मेला प्रशासन ने सात संन्यासी समेत 10 अखाड़ों के संतों की छावनी के लिए बृहस्पतिवार को गौरीशंकर द्वीप में भूमि आवंटित कर दी। आवंटित भूमि पर शुक्रवार से अखाड़ों की ओर से छावनियां लगाने का काम शुरू हो जाएगा।
विज्ञापन
संन्यासी अखाड़ों को पूर्व में भूमि आवंटन नहीं होने से उनकी छावनियां अखाड़ा परिसर में लगी हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत की पहल पर बैरागी तीनों अखाड़ों के संतों को बैरागी क्षेत्र में भूमि आवंटन के बाद संन्यासी अखाड़े भी भूमि आवंटन की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि और महामंत्री श्रीमहंत हरिगिरि की मांग पर मेला प्रशासन ने बृहस्पतिवार को सभी 10 अखाड़ों को गौरीशंकर द्वीप के पास भूमि आवंटित कर दी गई। मेलाधिकारी दीपक रावत ने अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, महामंत्री हरिगिरि और अपर मेलाधिकारी हरबीर सिंह समेत अन्य अधिकारियों की मौजूदगी में भूमि की पैमाइश कराई।
विज्ञापन
10 अखाड़ों के लिए जमीन का आवंटन हो गया। अखाड़ों ने कब्जा भी ले लिया है। अब मेला प्रशासन एक-एक नल, एक-एक शौचालय मुहैया कराने की जरूरत है। समय कम है, इसलिए जो सुविधा दी जाएगी उसके अनुसार काम चलाएंगे। शेष सुविधा स्वयं कर लेंगे। समझौते के अनुसार अखाड़ा चलेंगे। इसके लिए संकल्पित है।
-श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, अध्यक्ष, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद
पूर्व में जो नीलधार में घोषणा की गई थी। जहां प्राचीन समय से संन्यासी और उदासीन अखाड़ों के कैंप लगते आए हैं। अखाड़ों के नाम से घाट बनाकर नामांकरण किया गया है। साथ ही समाधि स्थल देने का भी आभार है। कोरोना संक्रमण काल चलने के कारण जो सुविधा मेला प्रशासन देगा। उसमें काम चलाया जाएगा। मेला प्रशासन का सहयोग किया जाएगा।
-श्रीमहंत रविंद्रपुरी, कुंभ मेला प्रभारी, पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी
मेला प्रशासन ने तीन हेक्टेयर भूमि आवंटन कर दिया है। इससे अखाड़ों में उत्साह है। मेला प्रशासन जो सुविधाएं देगा, संत उसी से काम चलाएंगे। कुंभ का पहला दिन था, मेलाधिकारी ने आज जमीन देकर साबित कर दिया कि दीपक क्या होता है।
-श्रीमहंत हरिगिरि, महामंत्री, अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद