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कुंभ मेला 2021: सीएम त्रिवेंद्र ने लिया संतों का अशीर्वाद, किया 150 बेड के अस्थायी अस्पताल का निरीक्षण

Wed, 03 Mar 2021 07:02 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 03 Mar 2021 07:02 PM IST
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Haridwar Kumbh Mela 2021: CM Trivendra Singh rawat inspects 150 bed temporary hospital
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत पहुंचे हरिद्वार - फोटो : अमर उजाला

मुख्यमंत्री ने कुंभ के लिए बनाए गए 150 बेड के अस्थायी बेस अस्पताल और मीडिया सेंटर का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि कुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को अस्पताल में उच्चस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं मुुहैया कराई जाएंगी। राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय कवरेज व मीडियाकर्मियों के लिए सुविधायुक्त मीडिया सेंटर तैयार किया गया है।

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत बुधवार को पावनधाम पहुंचे और अस्पताल के आईसीयू, आसीसीयू, बर्न यूनिट, इमरजेंसी वार्ड, फार्मेसी का निरीक्षण किया। मेला अधिकारी (स्वास्थ्य) डॉ. अर्जुन सिंह सेंगर ने बताया कि अस्पताल में तीन शिफ्टों में 38 डॉक्टर, 90 स्टाफ नर्स और पैरामेडिकल स्टाफ की तैनाती की गई है। इसके बाद सीएम ने चंडी टापू के पास स्थित मीडिया सेंटर का दौरा किया। मेल अधिकारी दीपक रावत और महानिदेशक (सूचना) डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने बताया कि मीडिया सेंटर में प्रेस कान्फ्रेंस हाल, स्टूडियो, पीसीआर, वेटिंग लॉज, आईटी हाल, स्विस और वीआईपी कॉटेज की व्यवस्था की गई है। 
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मीडिया सेंटर आधुनिक संचार उपकरणों और संसाधनों से युक्त है। मुख्य स्नान पर्वों के दौरान लाइव कवरेज की जीएगी। उन्होंने बताया कि इसके लिए मीडिया सेंटर में सभी तकनीकी संसाधन उपलब्ध हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने खुशी जताई। निरीक्षण के दौरान दर्जाधारी सुशील चौहान, पंकज सहगल, आईजी (कुंभ) संजय गुंज्याल, डीएम सी रविशंकर, एसएसपी (कुंभ) जन्मेजय खंडूड़ी, एसएसपी हरिद्वार सेंथिल अबूदई कृष्णराज एस, अपर मेला अधिकारी डॉ. ललित नारायण मिश्र मौजूद थे। 
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ग्रीन कुंभ कराएं, संसाधनों की नहीं होगी कमी : सीएम
सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अधिकारियों से कहा कि ग्रीन कुंभ का आयोजन सरकार की प्राथमिकता है। मेला क्षेत्र की स्वच्छता के लिए संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्थायी और अस्थायी कार्यों को संतोषजनक बताया। साथ ही शहर के अंदर की सड़कों की मरम्मत और घाटों की प्रकाश व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। 

कुंभ कार्यों का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने अटल बिहारी वाजपेयी राज्य अतिथि गृह में अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि ग्रीन कुंभ के आयोजन के लिए सफाई व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य बहुत जरूरी हैं।  सफाई व्यवस्था के लिए कर्मचारियों और संसाधनों की कमी नहीं होने दी जाएगी। जल्द ही मेला क्षेत्र की सफाई के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी। मेला अधिष्ठान के कर्मचारी संबंधित विभागों के साथ आपसी तालमेल के साथ काम करें। सीएम ने कहा मुख्य मार्गों के साथ अब शहर के अंदर की सड़कों की मरम्मत का काम जल्द पूरा किया जाए। शहर और घाटों पर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था करें।

संतों के आशीर्वाद से भव्य और दिव्य होगा महाकुंभ : त्रिवेंद्र 

सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बुधवार को पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की पेशवाई में शामिल होने के बाद संतों से मुलाकात कर आशीर्वाद लिया। उन्होंने महाकुंभ की तैयारियों पर भी संतों के साथ चर्चा की और कहा कि संतों के आशीर्वाद से महाकुंभ दिव्य और भव्य होगा।

मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सबसे पहले सुबह दस बजे पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी की एसएमजेएन पीजी कॉलेज स्थित अस्थायी छावनी पहुंचे। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि, अखाडे़ के सचिव एवं मनसा देवी मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी, अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद के साथ पूजा कर पेशवाई का शुभारंभ किया। इसके बाद मायादेवी मंदिर में पूजा कर दिव्य एवं भव्य कुंभ के लिए आशीर्वाद मांगा।

सीएम ने अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमहंत हरि गिरि का आशीर्वाद भी लिया। परिसर में स्थापित दत्तात्रेय चरण पादुका के साथ ही श्री पंचदशनाम आह्वान अखाड़े की चरण पादुका का श्री पंच अग्नि अखाड़े में पूजा की। इसके बाद श्री पंचायती महानिर्वाणी अखाड़ा कनखल पहुंचकर श्रीमहंत रविंद्र पुरी के साथ पूजन किया। मुख्यमंत्री कनखल स्थित जगद्गुरु आश्रम भी पहुंचे। उन्होंने जगद्गुरु शंकराचार्य श्री राजराजेश्वराश्रम महाराज से आशीर्वाद लिया और महाकुंभ की व्यवस्थाओं पर चर्चा की। सीएम बैरागी कैंप कनखल के अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़ा भी पहुंचे। हनुमान मंदिर में पूजा कर अखाड़ा अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्र दास से आशीर्वाद लिया।

‘बैरागी कैंपों में सुविधाएं उपलब्ध कराए सरकार’

तीनों वैष्णव अखाड़ों के संतों ने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को आशीर्वाद के साथ ज्ञापन भी सौंपा। मुख्यमंत्री के बैरागी कैंप स्थित श्री पंच निर्मोही अणी अखाड़ा पहुंचने पर बैरागी अखाड़ों के श्रीमहंतों ने बैरागी कैंप में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की।

अखिल भारतीय श्रीपंच निर्मोही अणी अखाड़े के अध्यक्ष श्रीमहंत राजेंद्रदास ने कहा कि अखाड़े के अंतर्गत 1100 कैंप खालसे आते हैं। कुंभ मेले में बैरागी कैंप में मूलभूत सुविधाएं दी जाएं। अखाड़ों की भूमि को टिन शेड से घेरा जाए। मुख्यमंत्री के समक्ष नाराजगी जताते हुए उन्होंने कहा कि मेला प्रशासन बैरागी अखाड़ों की उपेक्षा कर रहा है। मुख्यमंत्री ने संतों को जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इस दौरान महंत प्रह्लाद दास, महंत रामकिशोर दास शास्त्री, महंत रामजी दास, खाकी अखाड़े के महंत भगवान दास, महंत मोहनदास, महंत मनीष दास, महामंडलेश्वर गंगा दास, महंत केशवदास, अनंत रामानंदाचार्य महाप्रभु, महंत रामदास, महंत सुखदेव दास, महंत अमित दास मौजूद रहे।  

वैष्णवों के साथ अन्य संप्रदायों को दें सुविधाएं : विशोकानंद 
श्रीयंत्र मंदिर एवं विश्व कल्याण फाउंडेशन के पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती ने महाकुंभ के लिए जारी कोविड दिशा निर्देश को सरल करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि जब वैष्णवों एवं बैरागियों को सुविधाएं दी जा रही हैं तो बाकी संप्रदाय नाथों, दादूपंथ, विश्नोइयों, उदासियों, गरीबदासियों को भी सुविधाएं दी जाएं। उन्होंने कहा कि बृहस्पतिवार को महामंडलेश्वर, शंकराचार्य और महंतों की सभा भी होगी, जिसमें कई निर्णय लिए जाएंगे। 

धर्म ध्वजा का निश्चित और पारंपरिक विधान
संन्यासी एवं बैरागी अखाड़ों में धर्म ध्वजा महत्वपूर्ण होती है। इसकी रक्षा करना संन्यासी का परम कर्तव्य होता है। धर्म ध्वजा का निश्चित एवं पारंपरिक विधान है। जूना अखाड़े के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं पूर्व प्रवक्ता श्रीमहंत विद्यानंद सरस्वती ने बताया कि धर्म ध्वजा 52 हाथ ऊंची होती है और इसमें 52 बंध लगाए जाते हैं। चार आम्नाओं (रस्सियां) के सहारे ध्वजा को स्थिर किया जाता है। चारों आम्नाओं पर अखाड़े की मढ़ियों के श्रीमहंत शिविर स्थापित कर रक्षा करते हैं। चारों आम्नाओं पर नागा सैनिक दिन-रात तैनात रहते हैं।

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