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हरिद्वार कुंभ-2021: कांवड़ पटरी, घाटों के टेंडर में मंडराने लगे घोटाले के बादल

Sat, 02 Nov 2019 12:55 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 02 Nov 2019 12:55 PM IST
सार

  • ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री और शासन से की शिकायत, सिंचाई विभाग ने बैठाई जांच  
  • निविदा की शर्तों को दरकिनार कर चहेतों को टेंडर जारी करने का आरोप

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Haridwar Kumbh 2021: scams in the tenders of Ghats
प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

हरिद्वार कुंभ-2021 पर अभी से घोटाले के बादल मंडराने लगे हैं। सिंचाई विभाग की ओर कांवड़ पटरियों व स्नान घाटाें के निर्माण के लिए जारी किए गए टेंडर को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि अधिकारियों ने ऐसी कंपनियों व ठेकेदारों को टेंडर जारी कर दिए जो निविदा शर्तों को पूरा नहीं कर रहे थे। ऐसे छह-सात टेंडर बताए गए हैं।

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मामला सरकार व शासन तक पहुंच गया है। कुछ ठेकेदारों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव सिंचाई, विभागाध्यक्ष को दस्तावेजों के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए उच्च स्तरीय जांच कराने की मांग की है। दूसरी ओर, सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता अभियंता एवं विभागाध्यक्ष मुकेश मोहन ने जांच के आदेश जारी कर दिए हैं। जांच के लिए समिति का गठन भी कर दिया गया है। 
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मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव को भेजे गए शिकायती पत्र में ठेकेदारों का कहना है कि सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने तमाम प्रावधानाें को दरकिनार करते हुए चहेती कंपनियों व ठेकेदारोें को टेंडर आवंटित कर दिए हैं। आरोप है कि ऐसे ठेकेदारों को भी टेंडर जारी कर दिए गए हैं, जिनका सालाना टर्नओवर डेढ़ करोड़ से बहुत कम था।
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यही नहीं ठेकेदारों द्वारा वैधता का शपथपत्र भी नहीं दिया गया। जिसने दिया उसकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। कई ठेकेदारों ने ‘नेट वर्थ सर्टिफिकेट’ भी नहीं दिया। यदि दिया भी तो वह चार्टर्ड एकाउंटेंट से अधिकृत नहीं था। इतना ही नहीं निविदा का मूल्य संबंधित अधिकृत अधिकारी के नाम पर न देकर दूसरे अधिकारियों के नाम दे दिया गया। 
 

जरूरी दस्तावेज नहीं लगाए गए

मामले उजागर होने के बाद कई कंपनियों के अधिकारियों ने शिकायत दर्ज करा सिंचाई विभाग से पूछा कि तमाम दस्तावेज होने के बावजूद उन्हें टेंडर प्रक्रिया से बाहर क्यों किया गया? इस पर अधिकारियों ने यह तर्क देकर बचाव किया कि जरूरी दस्तावेज नहीं लगाए गए हैं।

मुख्यमंत्री समेत आला अधिकारियों को सौंपे गए दस्तावेजों में ठेकेदारों का कहना है कि यदि प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तो तमाम गड़बड़ियां उजागर हो सकती हैं। कुंभ मेले की महत्ता को देखते हुए वित्तीय घोटालों पर अभी से ही अंकुश लगाने का अनुरोध किया गया है। 

प्रकरण संज्ञान में लाया गया है। इस संबंध में दस्तावेजों के साथ लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी किए गए हैं। विभागीय अधिकारियों की समिति गठित की गई है। जांच समिति की रिपोर्ट में यदि अनियमितता सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 
- मुकेश मोहन, प्रमुख अभियंता एवं विभागाध्यक्ष। 

कुंभ मेले से जुड़े तमाम निर्माण कार्यों के टेंडर में पूरी पारदर्शिता बरती जा रही है। निविदा शर्तों का कोई उल्लंघन नहीं किया जा रहा है। निर्धारित मानकों के तहत ही टेंडर जारी किए जा रहे हैं। 
- शरद श्रीवास्तव, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग

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